कतर्नियाघाट रेंज क्षेत्र में खेत जाते समय एक किशोरी शुक्रवार सुबह तेंदुए ने हमला कर दिया। किशोरी ने करीब 20 मिनट तक तेंदुए पर संघर्ष किया। इस बीच शोर सुनकर दौड़े ग्रामीणों ने किसी तरह किशोरी को बचाया। उसे गंभीर हालत में पीएचसी से सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र मोतीपुर रेफर किया गया। हादसे ग्रामीणों में दहशत है।
कतर्नियाघाट संरक्षित वन क्षेत्र में विचरण करने वाले बाघ और तेंदुओं के हमले अचानक बढ़ गए हैं। शुक्रवार सुबह रेंज के सिरसियनपुरवा निवासी पूजा (11) पुत्री प्रीतम प्रसाद नित्यक्रिया के लिए गई थी। गांव से 100 मीटर दूर गन्ने के खेत के निकट से गुजरते समय तेंदुए ने हमला कर दिया। मदद के लिए चीखने के साथ किशोरी ने तेंदुए से संघर्ष किया।
ग्रामीणों के मुताबिक उसने करीब 20 मिनट तक तेंदुए से संघर्ष चला। इस दौरान तेंदुए के हमले में किशोरी के कंधे, पेट, पीठ, हाथ में गहरे जख्म हो गए। चीख सुनकर ग्रामीण दौड़ पड़े और हांका लगाने लगे। शोर सुनकर किशोरी को छोड़ तेंदुआ जंगल की ओर चला गया। लहूलुहान हालत में किशोरी को सुजौली प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र पहुंचाया गया।
डॉक्टरों ने प्राथमिक उपचार के बाद घायल पूजा को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र मोतीपुर रेफर कर दिया। इस दौरान कुछ ग्रामीणों ने रेंज कार्यालय पहुंचकर घटना की जानकारी दी। वन क्षेत्राधिकारी ने मोतीपुर स्वास्थ्य केंद्र पहुंचकर किशोरी का हालचाल लिया।
उपचार के बाद किशोरी को देर शाम डॉक्टरों ने घर भेज दिया। वन क्षेत्राधिकारी गयादीन का कहना है कि तेंदुए के हमले में किशोरी घायल हुई है। परिवारीजनों से प्रार्थना पत्र लेकर मुआवजे की कार्रवाई की जाएगी। तेंदुए के हमले से गांव के लोग दहशतजदा हैं।