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टीचर के घूंसे से बेहोश्ा हुआ छात्र

Sat, 07 Nov 2015 09:53 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो/बहराइच
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नानपारा/मटेराचौराहा। नानपारा के सेंट पीटर इंटर कॉलेज में शनिवार को शोर मचा रहे छात्रों को शांत कराने के दौरान एक शिक्षक ने कक्षा आठ के छात्र को घूंसा मार दिया।
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इससे वह बेहोश हो गया, जिससे अफरातफरी मच गई। स्कूल के फादर ने छात्र को निजी हॉस्पिटल में भर्ती कराया। छात्र को सांस लेने में तकलीफ हो रही है।

फिलहाल, प्राथमिक उपचार के बाद उसे छुट्टी दे दी गई है। छात्र के पिता ने इस मामले में शिक्षक को नामजद करते हुए कोतवाली में तहरीर दी है।

कोतवाली नानपारा क्षेत्र अंतर्गत मटेरा बाजार निवासी व्यवसायी अमित अग्रवाल का 13 वर्षीय पुत्र शशांक अग्रवाल सेंट पीटर इंटर कॉलेज में कक्षा आठ का छात्र है>

स्कूल में इस समय वार्षिकोत्सव की तैयारी चल रही है। उसी के तहत दोपहर में शशांक रेस का रिहर्सल कर रहा था। पास में मौजूद कुछ बच्चे शोर भी मचा रहे थे।

इसी दौरान मौके पर पहुंचे जीव विज्ञान के शिक्षक राकेश विश्वकर्मा ने छात्रों को डांटकर चुप कराया। आरोप है कि इसी दौरान उन्होंने शशांक को सीने में घूंसा मार दिया, जिससे वह मौके पर ही बेहोश हो गया।
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शशांक को सांस लेने में दिक्कत हो रही थी। मौके पर पहुंचे फादर ओसवर्ल्ड मट्ठा ने तत्काल अपने वाहन से शशांक को निजी चिकित्सक के यहां भर्ती कराया।

सूचना पाकर छात्र के परिवारीजन भी मौके पर पहुंच गए। प्राथमिक उपचार के बाद छात्र को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र मटेरा लाया गया। यहां इलाज के बाद शशांक को छुट्टी दे दी गई।

इस मामले में छात्र के पिता अमित ने शिक्षक राकेश विश्वकर्मा को नामजद करते हुए कोतवाली में तहरीर दी है। पुलिस ने मामले की जांच शुरू की है।

मारा नहीं, चुप कराने के लिए थपथपाया

सेंट पीटर इंटर कॉलेज के शिक्षक राकेश का कहना है कि वह कक्षा में पढ़ा रहे थे। बच्चे शोर कर रहे थे, उन्हें चुप कराने के लिए पहले डांटा फटकारा। उसके बाद शशांक की पीठ थपथपाकर चुप रहने को कहा।

इसी दौरान उसे सांस लेने में तकलीफ हुई तो फादर को अवगत कराकर बुलवाया गया। फिर निजी चिकित्सक के यहां भर्ती कराया गया।

टीचर 15 दिन के लिए सस्पेंड

सेंट पीटर इंटर कॉलेज के फादर ओसवर्ल्ड मट्ठा भी छात्र की पिटाई से इन्कार कर रहे हैं। उनका कहना है कि बच्चे शोर मचा रहे थे, जिन्हें शिक्षक चुप करा रहे थे।

इस दौरान शशांक की पीठ थपथपाकर उसे चुप रहने का इशारा किया लेकिन तभी उसे सांस लेने में दिक्कत हुई। इस पर छात्र का इलाज कराया गया।

फिर भी शिक्षक को घटना के मामले में हिदायत देते हुए 15 दिन के लिए सस्पेंड कर दिया गया है। अगर 15 दिन में शिक्षक की कार्यशैली न सुधरी तो आगे की कार्रवाई की जाएगी।
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