जिला अस्पताल में पैसे नहीं देने पर गलत इंजेक्शन लगाने से हुई बच्चे की मौत प्रकरण में स्टाफ नर्स और स्वीपर के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत गुरूवार देर रात कोतवाली नगर में एफआईआर दर्ज की गई। पुलिस ने रात में ही आरोपी स्वीपर को गिरफ्तार कर लिया है।
तीन संविदा स्टाफ नर्स के साथ आरोपी स्वीपर की सेवा समाप्त कर दी गई है। एक स्टाफ नर्स और वार्ड ब्वाय समेत पांच को निलंबित कर दिया गया। प्रशिक्षु फार्मासिस्ट को नोटिस दे स्पष्टीकरण तलब किया गया है। इस कार्रवाई से स्वास्थ्य विभाग में हड़कंप मचा है।
जिला अस्पताल में मंगलवार तड़के हरदी के खम्हरिया शुक्ल गांव निवासी शिवदत्त के 10 माह के पुत्र कृष्णा की इंजेक्शन लगाने के बाद मौत हो गई थी। परिवारीजनों का आरोप था कि स्टाफ नर्स ने पैसों की मांग की। पैसे नहीं मिलने पर गलत इंजेक्शन लगा दिया जिससे उसकी तबियत बिगड़ी और बच्चे ने तड़पकर दम तोड़ दिया।
इस मामले में जमकर हंगामा हुआ। जिला अस्पताल के सामने परिवारीजनों के साथ स्थानीय लोगों ने जाम प्रदर्शन किया। इस मुद्दे को शासन-प्रशासन के संज्ञान में लेने के बाद सीएमएस डॉ. ओपी पांडेय ने चिकित्साधिकारी डॉ. एसपी सिंह की अगुवाई में डॉक्टरों की तीन सदस्यीय जांच टीम गठित की।
गुरुवार देर रात जांच टीम ने अपनी रिपोर्ट सीएमएस को सौंपी। रिपोर्ट में कहा गया कि स्वीपर पवन कुमार निवासी फखरपुर ने कृष्णदत्त से उनके बेटे को इंजेक्शन लगाने के लिए पैसा मांगा। स्थायी स्टाफ नर्स आशा सिंह की लापरवाही भी उजागर हुई।
इस पर सीएमएस ने गुरुवार आधी रात को स्वीपर पवन कुमार और ड्यूटी पर तैनात स्टाफ नर्स आशा सिंह के खिलाफ कोतवाली नगर में भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम व अन्य धाराओं में केस दर्ज कराया। दोनों को निलंबित कर दिया। आरोपी स्वीपर को उसके घर से गिरफ्तार कर लिया गया।
मुख्य चिकित्साधीक्षक ने बताया कि जांच के दौरान चिल्ड्रेन वार्ड के आईसीयू और अन्य वार्डों में तैनात कर्मचारियों को भी लापरवाही मिलने पर उनके खिलाफ कार्रवाई की गई है। उनमें स्टाफ नर्स किश्वर जहां, वार्ड ब्वाय मुकीद अहमद, स्वीपर शत्रुघ्न प्रसाद व वीरेंद्र नारायण को तत्काल निलंबित कर दिया गया है।
संविदा स्टाफ नर्स सुभाषिनी वर्मा, दुर्गावती व संगीता की सेवा समाप्त कर दी गई। ड्यूटी पर तैनात प्रशिक्षु फार्मासिस्ट सनद कुमार को वसूली में सहयोग और लापरवाही का दोषी मानते हुए कारण बताओ नोटिस जारी की गई है।