जिला अस्पताल के पर्चा काउंटर पर एक उचक्के ने तीमारदार की जेब में रखे दो हजार रुपये व मोबाइल पर हाथ साफ कर दिया। तीन घंटे के बाद उचक्का जब फिर अस्पताल पहुंचा तो पीड़ित ने उसे पहचान लिया। तीमारदारों ने पकड़कर उसकी जमकर धुनाई कर दी। इसके बाद उसे पुलिस के हवाले कर दिया।
सोनवा थाना क्षेत्र अंतर्गत खैरा हसन गांव निवासी पूर्व प्रधान अरशद अली मंगलवार को अस्पताल आया था। उसके बहनोई दोस्त मोहम्मद का ऑपरेशन था। इसके लिए वह पर्चा काउंटर पर रजिस्ट्रेशन करा रहा था। इसी दौरान एक उचक्के ने अरशद की जेब में रखा मोबाइल व दो हजार रुपये निकाल लिए।
अरशद ने उचक्के को पकड़ने का प्रयास किया लेकिन वह भाग निकला। करीब तीन घंटे के बाद उचक्का कपड़े बदलकर फिर अस्पताल पहुंच गया। इस बीच अरशद की नजर उस पड़ी। अरशद ने शोर मचाया तो अन्य तीमारदारों ने उसे दौड़ाते हुए अस्पताल के बाहर एक निजी नर्सिंग होम के पास उसे दबोच लिया।
उचक्के की जमकर धुनाई हुई। इसके बाद कानूनगोपुरा चौकी इंचार्ज शेषमणि पांडेय के हवाले कर दिया। उचक्के की पहचान कानूनगोपुरा निवासी महेश उर्फ भवानी पुत्र बृजराज के रूप में हुई है।
नकदी छोड़ भागे बदमाश
नानपारा (बहराइच)। गुलालपुरवा निवासी धर्मेंद्र ने बताया कि सोमवार को वह सामान लेकर सीतापुर गया था। लौटते समय रात 11 बजे के आसपास मोतीपुर और नानपारा कोतवाली की सीमा पर स्थित पुल पर जब वह पहुंचा तभी दो बाइक पर सवार चार बदमाशों ने बाइक आगे लगाकर वाहन रोकवा लिया।
फिर धर्मेंद्र की कनपटी पर तमंचा तानकर उसे नीचे उतार लिया। गाड़ी में सवार धर्मेंद्र के भाई अमिरका और गांव निवासी राजमल ने विरोध किया तो बदमाशों ने उनकी पिटाई कर दी। धर्मेंद्र के पास मौजूद पांच हजार रुपया नकदी छीन लिया। अमिरका ने शोर मचाने पर बदमाश भाग निकले।