प्रधानमंत्री आवास योजना में जमकर हेराफेरी हो रही है। इसका खुलासा तेजवापुर विकास खंड के ग्राम पंचायत बेहटा भया में हुआ है। यहां पर 110 अपात्रों को आवास का आवंटन कर दिया गया। इनमें ग्राम प्रधान ने अपने पुत्र को आवास आवंटित किया ही, एक मृतक के नाम आवास आवंटित कर चेक भी काट दिया। बीडीओ ने जांच की, तब मामले की पुष्टि हुई। रिपोर्ट डीएम को भेजी गई है। मामले का खुलासा होने के बाद हड़कंप मचा हुआ है।
प्रधानमंत्री आवास योजना में पात्र और अपात्रों को आवास आवंटन को लेकर आए दिन उंगलियां उठती हैं। नया घोटाला तेजवापुर विकास खंड के ग्राम पंचायत बेहटा भया में होने की पुष्टि हुई है। इस ग्राम पंचायत में 2011 की आर्थिक गणना के आधार पर 328 परिवारों के नाम अंकित हैं।
शासन द्वारा ग्राम पंचायत प्रशासन ने यह सूची भेजकर पात्र और अपात्रों के नाम अलग करने के निर्देश दिए थे। लेकिन ग्राम पंचायत ने पुरानी सूची को ही ब्लॉक और तहसील भेजकर नवीनीकरण की मुहर लगवा ली जबकि इस सूची में ऐसे लोगों के नाम शामिल हैं। जिन्हें पूर्व में इंदिरा व अन्य योजनाओं के आवास मिल चुके हैं।
ऐसे लोगों की संख्या 110 के आसपास है। हालांकि सूची को हरी झंडी मिलने के बाद ग्राम पंचायत प्रशासन ने सभी को आवास आवंटन की कवायद शुरू की। इसके तहत ग्राम प्रधान मकबूल ने अपने पुत्र मकसूद को आवास दे दिया। गांव निवासी ननकू की मौत अरसा पूर्व हो चुकी है। उसके नाम आवास आवंटन का चेक काट दिया।
इसके अलावा 108 ऐसे अपात्र हैं, जिन्हें आवास प्रदान किया गया है। जब पात्रों को आवास नहीं मिला तो उन्होंने मामले की खोजबीन शुरू की। ऐसे में अपात्रों का आवास आवंटन का खुलासा हुआ तो शिकायत उच्चाधिकारियों से की गई।
जिला प्रशासन ने खंड विकास अधिकारी को जांच सौंपी। बीडीओ तेजवापुर अनूप कुमार सिंह ने मामले की जांच कराई तो घोटाले का खुलासा हुआ। इससे अब हड़कंप मचा है। ग्राम पंचायत प्रशासन के जिम्मेदारों के साथ आवास आवंटन में संलिप्त अधिकारी अपने बचाव में जुट गए हैं।