मानसिक रूप से अस्वस्थ चल रही एक विवाहिता को ठीक करने के बहाने दो साधुओं ने उससे बंद कमरे में छेड़छाड़ की। युवती के शोर मचाने पर दौड़े परिवार और पड़ोस के लोगों ने एक ढोंगी को पकड़कर जमकर पीटा, जबकि दूसरा भाग निकला। इससे पहले ढोंगियों ने विवाहिता के मायके के लोगों से उसे ठीक करने के लिए 10 हजार रुपये भी ऐंठ लिए थे। पुलिस ने साधु को गिरफ्तार कर जांच शुरू कर दी है।
हरदी थाना क्षेत्र अंतर्गत एक गांव निवासी 18 वर्षीय युवती का विवाह 11 जून को खैरीघाट के एक गांव में हुआ था। मानसिक रूप से अस्वस्थ होने के चलते सप्ताह भर बाद वह अपने मायके आ गई। इसी बीच शनिवार को अपने को साधु बताने वाले दो युवक विवाहिता के मायके आ धमके।
साधुओं से परिवारीजनों ने बेटी के मानसिक अस्वस्थ होने की बात बताई तो दोनों ने पूजा-पाठ और झाड़-फूंक के द्वारा विवाहिता को पूर्णतया स्वस्थ करने का आश्वासन दिया। पूजा पाठ में 10 हजार रुपये खर्चा भी बताया। परिवार के लोगों ने 3500 रुपये की पूजन सामग्री लाकर दी जबकि 6500 रुपये नकदी साधुओं को दी।
रविवार रात साधुओं ने मकान के बाहर स्थित एक कमरे में गोबर से लेपन करवाकर चौक बनाकर विवाहिता को बैठाया और कमरा बंद कर पूजा-अर्चना करने की बात कही। 15 मिनट ही बीते थे कि तभी विवाहिता शोर मचाने लगी। इस पर परिवार के लोग और पड़ोसी मौके पर पहुंच गए।
सभी ने दरवाजा पीटना शुरू किया तो कुछ देर बाद विवाहिता ने किसी तरह दरवाजा खोला। उसने फफकते हुए साधुओं की हरकत बयां की। उसने बताया कि दोनों ने उससे छेड़छाड़ की। ये सुनते ही परिवारीजन और पड़ोसियों ने दोनों ढोंगियों की पिटाई शुरू कर दी।
इसी बीच हरिद्वार निवासी कमलेश बाबा चंपत हो गया, जबकि लहरपुर सीतापुर निवासी राजेश कुमार को परिवारीजनों ने पीटकर हरदी पुलिस को सौंप दिया है। एसओ बीके यादव ने बताया कि परिवारीजनों को ठगने और विवाहिता से छेड़छाड़ करने की तहरीर मिली है। जांच की जा रही है।