बहराइच। स्वास्थ्य विभाग में बीएचडब्लू भर्ती प्रकरण की जांच अभी पूरी भी नहीं हुई कि अब आशा बहुओं की नियुक्ति में धांधली का मामला सामने आया है।
मामला विशेश्वरगंज सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र से जुड़ा है। यहां अभिलेखों में हेराफेरी कर बाबुओं ने तीन महिलाओं से अवैध वसूली की और उन्हें नियुक्ति पत्र दिला दिया।
इसका खुलासा मंगलवार शाम एडी की जांच में हुआ। उन्होंने सीएमओ कार्यालय में अभिलेख खंगाले। उनका कहना है कि मामले में हेराफेरी सामने आ रही है। जल्द ही जांच पूरी हो जाएगी, इसके बाद दोषियों पर कार्रवाई के लिए शासन को लिखा जाएगा।
राष्ट्रीय हेल्थ मिशन के तहत एक साल पहले सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र विशेश्वरगंज (पहुंचकट्टा) में छह आशा बहुओं की तैनाती की गई। यहां साक्षात्कार के बाद छह महिलाओं के नाम तय किए गए लेकिन इस बीच सीएमओ कार्यालय के बाबुओं ने तीन फर्जी आवेदकों के नाम फाइनल लिस्ट में चौथे, पांचवें व छठे स्थान पर जोड़ दिए।
फाइनल सूची सीएमओ कार्यालय में पास होने के बाद शासन को भेज दी गई। इस नियुक्ति के मामले में एसीएमओ डॉ अनिल ने बयान हलफी भी दाखिल किया था।
कुछ दिन बाद जब चयनित आशा बहुओं की घोषणा हुई तो हंगामा खड़ा हो गया। जिन तीन आशाओं के नाम सूची से हटाए गए थे, उन्होंने नियुक्ति प्रक्रिया को चैलेंज करते हुए हाईकोर्ट की शरण ले ली। वहीं, महानिदेशक स्वास्थ्य ने भी अपर निदेशक चिकित्सा, स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण डॉ. उमाकांत वर्मा को जांच सौंपी है।
मंगलवार शाम अचानक डॉ. उमाकांत वर्मा सीएमओ कार्यालय पहुंच गए। उन्होंने अभिलेखों की जांच कर साक्ष्य जुटाए। सूत्रों की मानें तो पटल बाबू ने 40-40 हजार रुपये लेकर फर्जी महिलाओं को नियुक्ति दी थी और पात्रों के नाम सूची से हटा दिए।