एक बालिका के साथ वर्ष 2010 में रेप करने वाले युवक को अपर सत्र न्यायाधीश फास्ट ट्रैक कोर्ट प्रथम ने आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। 40 हजार रुपये जुर्माने से भी दंडित किया है। जुर्माना अदा न करने पर छह माह का अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा।
जिला सहायक शासकीय अधिवक्ता फिरोज अहमद खां ने बताया कि इकौना क्षेत्र के एक गांव की रहने वाली सात वर्षीय बालिका 20 मार्च 2010 को अपने खेत गई थी। वहां शिव प्रसाद उर्फ छोट्टन पुत्र चेतराम ने अपने सहयोगी की मदद से बालिका के साथ रेप किया। जानमाल की धमकी दी। किसी तरह घर पहुंची बालिका ने परिवारीजनों को कुछ नहीं बताया।
दूसरे दिन मां ने स्कूल जाने को कहा तो उसनेशिवप्रसाद द्वारा मारने की बात बताई। इसके बाद घटना की जानकारी हुई। परिवारीजनों ने बालिका को अस्पताल पहुंचाया जहां इलाज के दौरान 31 मार्च को बालिका की मौत हो गई। उधर आरोपी को पुलिस ने गिरफ्तार कर जेल भेज दिया। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में अत्यधिक रक्त स्राव के चलते मौत की पुष्टि हुई।
इस केस में मंगलवार को अपर सत्र न्यायाधीश फास्ट ट्रैक कोर्ट प्रथम अनिल कुमार वशिष्ठ सुनवाई की। दोनों पक्षों की बहस सुनने के बाद न्यायालय ने आरोपी शिवप्रसाद को धारा 376 के मामले में आजीवन कारावास की सजा सुनाई। 25 हजार रुपये जुर्माना से दंडित किया।
धारा 304 के तहत 10 वर्ष की सजा और 15 हजार रुपया जुर्माना से दंडित किया। न्यायालय ने कहा है कि जुर्माने की आधी राशि 20 हजार रुपये पीड़िता के अभिभावकों को प्रदान की जाएगी। शेष धनराशि राजकीय कोष में जमा की जाएगी।