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आरोपी की जगह सभासद के पति को पुलिस ने उठाया

Sat, 08 Aug 2015 09:53 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो/बहराइच
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बहराइच। मीराखेलपुरा मोहल्ले की सभासद के पति राजेंद्र उर्फ युवराज गुप्ता को कोतवाली नगर की पुलिस ने देर रात घर से उठा लिया।
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पानी टंकी पर हुए गोलीकांड की घटना के मामले में पुलिस ने उन्हें हिरासत में लिया गया, जबकि मुकदमे में नामजद व विवेचना में युवराज सिंह का नाम है।

सूचना मिलने पर चेयरमैन व सभासद के साथ मोहल्ले की महिलाएं एसपी कार्यालय पहुंच गईं। एसपी के न मिलने पर एएसपी नगर का घेराव कर सभासद पति को छोड़े जाने की मांग की।

एएसपी ने जांच कराकर कार्रवाई का आश्वासन दिया। एसपी ने मामले की जानकारी होने से ही साफ तौर से इंकार कर दिया।

कोतवाली नगर के मोहल्ला मीराखेलपुरा निवासी राजेंद्र कुमार गुप्ता उर्फ युवराज की पत्नी सभासद हैं। उनका होटल भी पानी टंकी चौराहे पर है।

एक माह पूर्व पानी टंकी पर भूमि विवाद के कारण फायरिंग हुई थी। इसमें दोनों पक्षों से कई लोग नामजद किए गए थे। इसी मुकदमे में रायपुर राजा निवासी युवराज सिंह को भी नामजद किया गया था।
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उसे नहीं तलाश पा रही कोतवाली नगर की पुलिस ने शुक्रवार रात मीराखेलपुरा में दबिश देकर होटल व्यवसायी व सभासद के पति युवराज गुप्ता को उठा लिया।

रात में सूचना मिलने पर सैकड़ों की संख्या में लोग कोतवाली पहुंच गए। सुबह होने पर चेयरमैन हाजी रेहान की अगुवाई में सभासदों ने एसपी कार्यालय का घेराव करते हुए नारेबाजी की। मौके पर मौजूद एएसपी दिनेश त्रिपाठी ने मुकदमे की विवेचना कर रही क्राइम ब्रांच को जांच के निर्देश दिए हैं।

एसपी को नहीं दी जानकारी
सभासद के पति को पुलिस द्वारा गिरफ्तार किए जाने के मामले में पुलिस अधीक्षक नेहा पांडेय ने बताया कि उन्हें मामले की जानकारी ही नहीं दी गई है। ऐसे में वह पूरे मामले की जानकारी लेने के बाद ही कुछ कह सकेंगी। पुलिस द्वारा इतने बड़े मामले में एसपी को जानकारी नहीं देने से कई सवाल भी खड़े हो रहे हैं।

मुकदमे में कई बेगुनाह हैं नामजद
पानी टंकी पर हुए जमीन विवाद में कई निर्दोषों को पुलिस ने नामजद कर दिया है। मामले की विवेचना में जुटी क्राइम ब्रांच भी तह तक जाने की कोशिश करने के बजाए महज मुकदमे के आधार पर ही लोगों को जेल भेजने की फिराक में लगी है।
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मुकदमे में नामजद खत्रीपुरा निवासी राकेश पांडेय घटना के समय एक साइबर कैफे गए थे, जबकि मौके से ही हिरासत में लिए गए कई अन्य लोगों को भी पुलिस ने महज 151 में छोड़ दिया था। जबकि घटना की मुख्य आरोपी फूलमती को पकड़ने से पुलिस कतरा रही है।
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