मरवट गांव निवासी एक ग्रामीण ने जिला अस्पताल के एक चिकित्सक पर इलाज में कोताही बरतने का आरोप लगाते हुए मां की मौत के लिए उन्हें जिम्मेदार ठहराया है।
ग्रामीण ने डॉक्टर पर कठोर कार्रवाई के लिए सीएमएस व डीएम को पत्र भेजा है।
हरदी थाना अंतर्गत मरवट फत्तेपुरवा गांव निवासी गूढ़ी देवी (80) की गत बुधवार को हालत बिगड़ गई। उन्हें कई दिनों से बुखार व सांस लेने में तकलीफ थी।
इस पर पुत्र भुवनेश कुमार ने मां गूढ़ी को जिला अस्पताल पहुंचाकर भर्ती करवाया। यहां इमरजेंसी से गूढ़ी को जनरल वार्ड तीन में शिफ्ट कर दिया गया।
भुवनेश का आरोप है कि यहां इलाज में नाम पर महज खानापूर्ति की गई। सिर्फ एक बार ग्लूकोज लगाया गया। रात में जब चेस्ट रोग विशेषज्ञ व फिजीशियन डॉक्टर अशरफ हुसैन राउंड पर आए तो उनसे मां गूढ़ी को देखने की मिन्नतें की गई लेकिन डॉ. हुसैन नहीं आए।
उनके साथ मौजूद दलालों ने रुपये की डिमांड की। कहा कि या तो रुपये दो या घर पर आकर दिखाओ। इस बीच गूढ़ी देवी की हालत बिगड़ गई और उनकी मौत हो गई।
भुवनेश का आरोप है कि डॉ. हुसैन ने इलाज में संवेदनहीनता दिखाई है। उन पर कठोर कार्रवाई होनी चाहिए।