भारत-नेपाल के बीच शराब की तस्करी में किशोरों का इस्तेमाल किया जा रहा है। उन्हें कारोबारी प्रति खेप के हिसाब से भुगतान करते हैं। यह खुलासा शुक्रवार सुबह नौ बालकों की गिरफ्तारी पर हुआ। उनके पास नेपाली शराब के पाउच और शीशियां बरामद हुई हैं। 8-14 वर्ष आयु के बालकों को चाइल्ड लाइन के सुपुर्द किया गया है।
भारत-नेपाल सीमा पर इन दिनों शराब की तस्करी बढ़ी है। इस पर अंकुश लगाने के लिए पुलिस ने अभियान चलाया है। बस और ट्रेनों के माध्यम से नेपाली शराब की खेप भारतीय क्षेत्र में पहुंचाए जाने की सूचना पुलिस को मिली रही थी।
ऐसी की एक सूचना पर शुक्रवार सुबह रुपईडीहा कस्बे में नेपालगंज रोड स्टेशन से बहराइच जाने वाली पैसेंजर ट्रेन की बोगियों में थानाध्यक्ष छोटक यादव के साथ पुलिस कर्मियों ने तलाशी ली। इस दौरान प्रसाधन और सीट के नीचे से नौ बच्चों को पकड़ा गया।
इनके पास बोरियाें में 139 शीशी नेपाली शराब तथा पांच पैकेट शराब प्लास्टिक पॉलीथीन में बरामद हुई। रुपईडीहा पुलिस महज छह बोगियों में छापेमारी कर सकी थी। इसी दौरान ट्रेन रवाना कर दी गई। हिरासत में लिए गए बालकों की उम्र 8 से 14 वर्ष के बीच है।
वे रुपईडीहा, नानपारा और बाबागंज क्षेत्र के रहने वाले गरीब परिवारों से ताल्लुक रखते हैं। पुलिस के मुताबिक किशोरों ने बताया कि उन्हें नेपाल से शराब भारतीय क्षेत्र में लाने के एवज में प्रति खेप 100 से150 रुपये कारोबारी लोग देते हैं। थानाध्यक्ष छोटक यादव के मुताबिक कारोबारियों के नाम रमेश और संदीप बताए गए हैं।