श्रावस्ती। नवोदय विद्यालय में पिटाई के बाद भूख हड़ताल पर बैठने वाले छात्रों के जाने के बाद स्कूल प्रशासन ने छह सितंबर तक के लिए स्कूल बंद कर दिया है।
वहीं जो बच्चे घर नहीं जाना चाहते थे, उनके अभिभावकों को बुलाकर बच्चों को जबरन घर भेज दिया गया। बच्चे भूख हड़ताल के दौरान प्राचार्य सहित अंग्रेजी अध्यापक के स्थानान्तरण की मांग कर रहे थे।
नवोदय विद्यालय संभारपुरवा में रविवार को प्राचार्य संत सिंह व अंग्रेजी अध्यापक एके मौर्या द्वारा पिटाई व खराब खाने से नाराज छात्रों ने भूख हड़ताल कर दी थी।
इसकी जानकारी होने के बाद एसडीएम भिनगा श्रीराम सचान मौके पर जाकर छात्रों को समझाने का प्रयास किया, लेकिन प्राचार्य व अंग्रेजी अध्यापक के स्थानान्तरण की मांग कर रहे छात्र भूख हड़ताल छोड़ने के लिए राजी नहीं हुए।
इस पर एसडीएम ने डीएम के आदेश पर स्कूल से छुट्टी पर घर जाने का आदेश दिया था। इस संबंध में एसडीएम का कहना था कि जो बच्चे घर जाना चाहें वह घर जा सकते है, एवं जो बच्चे हॉस्टल में रह कर पढ़ना चाहते हैं। वह स्कूल में रह कर अपनी पढ़ाई जारी रख सकते हैं।
इस आदेश के बाद एसडीएम के जाते ही प्राचार्य द्वारा स्कूल में छह सितंबर तक अवकाश घोषित कर दिया गया। इस संबंध में नाम न छापने की शर्त पर सोमवार कुछ बच्चों ने बताया की रविवार देर शाम को उनके अभिभावकों को फोन करके स्कूल बुलाया गया था। अभिभावकों को अपने साथ घर ले जाने को कहा गया।
नवोदय के प्राचार्य संत सिंह ने कहा कि स्कूल में अवकाश किस कारण से दिया गया, इसके बारे में हमें जानकारी नहीं है। एसडीएम ने आदेश दिया था, इसलिए स्कूल में अवकाश कर दिया गया।