भारत नेपाल सीमा पर नोमैंस लैंड के पास बने बैरियर पर जांच के दौरान पुलिस ने एक संदिग्ध व्यकित को पकड़ा। पूछताछ में उसकी पहचान नेपाल से फरार माओवादी कमांडर के रूप में हुई। उसे नेपाल में एक मामले में 9 साल की सजा भी हो चुकी है।
आरोपी को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया है। नेपाली नागरिक पर नेपाल में उपनिरीक्षक के पुत्र के अपहरण समेत कई केस चल रहे हैं। सीमा पर तलाशी के दौरान गुरुवार को नेपाल की ओर से भारतीय सीमा क्षेत्र में घुसे एक व्यक्ति को पुलिस ने पकड़कर पूछताछ शुरू की।
उसकी पहचान नेपाल से फरार चल रहे माओवादी कमांडर निजामुद्दीन साईं ऊर्फ मुल्ला उर्फ नटवरलाल के रूप में हुई। थानाध्यक्ष मधुपनाथ मिश्रा ने बताया कि निजामुद्दीन के पकड़े जाने के बाद नेपाल के बांके जिले के पुलिस अधीक्षक अरुण चंद्र पौडेल से संपर्क साधा गया।
एसपी ने बताया कि निजामुद्दीन ने नेपाल में उपनिरीक्षक के पुत्र का अपहरण किया था। उपनिरीक्षक के पुत्र का आज तक कोई सुराग नहीं मिल सका है। उसी अपहरण के मामले में नेपाल के न्यायालय की ओर से निजामुद्दीन को नौ वर्ष की जेल और 9 लाख 50 हजार जुर्माना की सजा सुनाई गई थी।
लेकिन वर्ष 2013 में नेपाल पुलिस को चकमा देकर निजामुद्दीन फरार चल रहा था। थानाध्यक्ष ने बताया कि नेपाल के बांके जिले के एसपी से निजामुद्दीन के आपराधिक मामलों की पुष्टि होने पर आरोपी को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया है।
एसपी बांके अरुण चंद्र पौडेल ने बताया कि भारतीय सीमा में पकड़े गए निजामुद्दीन चार भाई हैं। सभी अपराधों में संलिप्त हैं। एसपी ने कहा कि दो भाई पहले से सजायाफ्ता है। निजामुद्दीन का एक भाई चांद अभी फरार चल रहा है। निजामुद्दीन के पिता भी नेपाल के न्यायिक हिरासत में जेल में बंद है।