फखरपुर में गौढ़ी गांव निवासी मामा-भांजी ने मंगलवार रात घर से कुछ दूरी पर स्थित गूलर के पेड़ में फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। सुबह दोनों का शव पेड़ से लटकता मिला। आत्महत्या का कारण प्रेम प्रसंग बताया जा रहा है।
युवती का गौना चार दिन बाद जाना था। मौके पर पहुंची पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। भांजी के साथ फांसी लगाने वाला मामा तीन साल से साथ में रह रहा था।
फखरपुर थाना अंतर्गत गौढ़ी गांव निवासी रामबिलास की ससुराल सीतापुर जिले के मथुरा पुरैना रामपुर गांव में है।
यह गांव घाघरा के कछार में है। तीन वर्ष पूर्व घाघरा की बाढ़ और कटान में रामबिलास के ससुराल की सारी संपत्ति समाहित हो गई थी। ससुराल में उनका साला संकटराम (26) व सास थी। घाघरा के बाढ़ में सबकुछ समाहित होने के बाद साला और सास रामबिलास के घर आकर रहने लगे थे।
अपने मकान के ठीक सामने पड़ी जमीन पर रामबिलास ने साले का मकान बनवा दिया। लेकिन सास की आंख कमजोर होने के चलते पूरा परिवार अक्सर एकसाथ ही रहता था। अनुमान लगाया जा रहा है कि इसी के चलते निकटता बढ़ी और संकटराम तथा रामखेलावन की बेटी नीलम (22) के बीच प्रेम संबंध स्थापित हो गए।
हालांकि दो वर्ष पूर्व नीलम का विवाह बौंडी क्षेत्र के एक गांव से हुआ है। लेकिन विदाई गौने में होनी थी। चार अप्रैल को गौने की रस्म की तारीख तय हुई थी। घर में हंसीखुशी का माहौल था। लेकिन इसी बीच बुधवार भोर में नीलम और उसके मामा संकटराम का शव एकसाथ घर से 50 मीटर दूर गूलर के पेड़ से लटकता हुआ मिला।
इससे घर में कोहराम मच गया। गांव के लोग इकट्ठा हुए। आननफानन में दोनों को फांसी के फंदे से उतारा गया। सूचना पाकर एसओ राजेंद्र प्रसाद सोनकर दलबल के साथ मौके पर पहुंचे।
उन्होंने बताया कि परिवारीजन और गांव के लोगों से बातचीत में जो पता चला है, उसके मुताबिक प्रेम प्रसंग का मामला लग रहा है। हालांकि परिवार के लोग मामले में कुछ भी बोलने से कतरा रहे हैं। दोनों शव पोस्टमार्टम के लिए भेज दिए गए हैं। पीएम रिपोर्ट आने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।