मिहींपुरवा (बहराइच)। लगदिहा चमारनपुरवा गांव में अवैध रूप से काटी गई लकड़ियों को कब्जे में लेने वाली वन विभाग की टीम पर प्रधान ने भाई और सहयोगियों संग हमला बोल दिया।
हमले में रेंजर और डिप्टी रेंजर समेत पांच लोग जख्मी हुए हैं। ग्राम प्रधान ट्रैक्टर-ट्रॉली समेत 70 बोटा आम की लकड़ी छुड़ा ले गया। इस मामले में रेंज केस दर्ज करने के साथ ही थाने पर तहरीर दी गई है। पुलिस ने जांच शुरू कर दी है।
ग्राम लगदिहा चमारनपुरवा जंगल से सटा है। गांव निवासी बबलू की बाग में अवैध तरीके से हरे पेड़ों के कटान की सूचना मोतीपुर के वन क्षेत्राधिकारी खुर्शीद आलम को मिली। इसके बाद डिप्टी रेंजर राम प्यारे, वन दरोगा शंकर, रामकृपाल पाल, सियाराम गुप्ता के साथ मौके पर छापा मारा।
मौके पर कटे पेड़ों के बोटे बना रहे लोग टीम को देखकर भाग निकले। वन क्षेत्राधिकारी ने मौके से 70 बोटा आम की लकड़ी और ट्रैक्टर-ट्रॉली बरामद की। रेंजर खुर्शीद ने बताया कि जब वह लकड़ी को ट्रैक्टर-ट्रॉली पर लादकर रेंज कार्यालय ला रहे थे तभी रास्ते में लगदिहा का ग्राम प्रधान अकील अहमद अपने भाई शकील, मुजीब, किफायत अली, लाल मोहम्मद समेत लगभग 20 लोगों के साथ आ धमका।
डिप्टी रेंजर राम प्यारे से लकड़ी को छोड़ने की मांग करने लगे। रेंजर ने विरोध किया तो सभी ने पूरी टीम से हाथापाई की। इसके बाद जान से मारने की धमकी देकर सभी अवैध कटान की लकड़ी मय ट्रैक्टर-ट्रॉली लेकर चले गए। रेंजर ने ग्राम प्रधान और उनके सहयोगियों के खिलाफ रेंज केस दर्ज किया है।
रेंजर ने बताया कि हमले के मामले में डिप्टी रेंजर रामप्यारे की ओर से ग्रामप्रधान अकील, शकील, किफायत, मुजीब, लाल मोहम्मद को नामजद करते हुए मोतीपुर थाने में भी तहरीर दी गई है। थानाध्यक्ष डीपी कुशवाहा ने बताया की घटना की जांच शुरू कर दी गई है। आरोपी फरार हैं, उनकी तलाश में दबिश दी जा रही है।