केरोसिन छिड़क कर पत्नी को जिंदा जलाने के मामले में अपर सत्र न्यायाधीश फास्ट ट्रैक कोर्ट ने पति को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। आरोपी पर लगाए गए दहेज प्रतिषेध अधिनियम की धाराओं से उसे दोषमुक्त करार दिया है। हत्यारे पति को आजीवन कारावास के साथ ही 25 हजार रुपये अर्थदंड से भी दंडित किया गया है।
बौंडी क्षेत्र में ग्राम पहिया निवासी मेड़ीलाल ने अपनी बेटी रुचि का विवाह देहात क्षेत्र में सबलापुर निवासी अखिलेश तिवारी पुत्र आनंद कुमार के साथ किया था। अखिलेश ने चार मार्च 2011 को रुचि पर केरोसिन छिड़क कर उसे जिंदा जला दिया।
इस मामले में मेड़ीलाल ने दामाद अखिलेश पर दहेज के लिए बेटी को प्रताड़ित करने और जिंदा जलाकर मारने की रिपोर्ट दर्ज कराई। इस घटना में गुरुवार को अपर सत्र न्यायाधीश फास्ट ट्रक कोर्ट अनिल कुमार वशिष्ठ नेे सुनवाई की।
एडीजीसी क्रिमिनल फिरोज अहमद खां व बचाव पक्ष के वकील ने बहस की। दोनों पक्ष की बहस सुनने के बाद अपर सत्र न्यायाधीश ने कहा कि आरोपी पति अखिलेश पर धारा 498ए, 304 बी और दहेज प्रतिषेध अधिनियम का आरोप प्रमाणित नहीं होता।
ऐसे में उसे दहेज हत्या के मामले से दोषमुक्त किया जाता है। लेकिन केरोसिन छिड़क कर जिंदा जलाने के मामले में अखिलेश हत्या का दोषी है। उसे आजीवन कारावास की सजा अपर सत्र न्यायाधीश ने सुनाई। साथ ही 25 हजार रुपये अर्थदंड से भी दंडित किया है।