बहराइच। 20 साल पहले चुनाव की रंजिश में प्रधान अनिल कुमार सिंह की गोली मारकर हत्या करने वाले चार लोगों को मंगलवार को अपर सत्र न्यायाधीश/विशेष न्यायाधीश अनुसूचित जाति जनजाति ने उम्रकैद की सजा सुनाई।
इसके अलावा चार आरोपियों को दोषमुक्त करार दे दिया है। बता दें कि मामले में 13 लोग नामजद थे, जिनमें से चार लोगों की सुनवाई के दौरान मौत हो चुकी है, जबकि एक आरोपी का मामला दूसरे न्यायालय पर विचाराधीन होने के चलते उसके मामले में फैसला नहीं हो सका है।
हुजूरपुर थाना क्षेत्र अंतर्गत रायगढ़ बेहड़ा निवासी तेज बाबू सिंह व पूर्व प्रधान शंकर बख्श सिंह के बीच रंजिश थी। वर्ष 1995 में हुए ग्राम पंचायत के चुनाव में तेज बाबू का पुत्र अनिल कुमार सिंह प्रधान चुना गया था, जबकि शंकर बख्श सिंह चुनाव हार गए थे।
इसी के कारण दुश्मनी और बढ़ गई थी। पांच अगस्त 1995 को अनिल कैसरगंज में मीटिंग में गया था। तेज बाबू भी परिवार के सदस्यों के साथ बहराइच गए थे। लौटते समय बेटे से कैसरगंज में मुलाकात हुई थी और फिर वहां से सभी दो बाइक पर सवार होकर घर के लिए रवाना हुए।
रास्ते में घात लगाए बैठे शंकर बख्श सिंह व उनके समर्थकों ने घेराबंदी कर सभी को रोक लिया और फायरिंग शुरू कर दी। गोली लगने से मौके पर ही प्रधान अनिल सिंह की मौत हो गई थी, जबकि तेज बाबू का भतीजा शैलेंद्र सिंह घायल हुआ था।
इस मामले में पुलिस ने तेज बाबू की तहरीर पर 13 लोगों को नामजद करते हुए केस दर्ज कर गिरफ्तार किया था। मामला न्यायालय पर चला लेकिन इस दौरान चार आरोपियों की मौत हो गई।
मंगलवार को न्यायालय में अपर सत्र न्यायाधीश/विशेष न्यायाधीश अनुसूचित जाति जनजाति मोहम्मद रियाज ने सुनवाई की। बचाव पक्ष से उच्च न्यायालय के अधिवक्ताओं ने बहस की।
वहीं, सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता फिरोज अहमद खां ने दूसरे पक्ष से बहस की। दोनों पक्षों को सुनने के बाद अपर सत्र न्यायाधीश ने हत्या, फायरिंग और हमले के मामले में आरोपी कृष्णकुमार सिंह, बृजेश सिंह, सरदार सिंह और दिनेश सिंह को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है।
10-10 हजार रुपये अर्थदंड से भी दंडित किया है। जुर्माना न देने पर सभी को एक साल का अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा। अपर सत्र न्यायाधीश ने संदेह के आधार पर विनोद सिंह, रमेश सिंह, अजय सिंह व रामबचन सिंह को दोषमुक्त करार दे दिया है।