कुदाल से हमलाकर पत्नी की हत्या करने वाले पति को अपर सत्र न्यायाधीश फास्ट ट्रैक कोर्ट ने आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। 50 हजार रुपये जुर्माना से भी दंडित किया है। पति को दहेज हत्या से दोषमुक्त करते हुए उसे हत्या के मामले में दोष सिद्ध करते हुए सजा सुनाई है।
विशेश्वरगंज क्षेत्र में आज्ञारामपुवा कटरवा निवासी संजू देवी की 28 मई 2012 को हत्या कर दी गई थी। सूचना पर संजू के पिता मातादीन निवासी वैशिया कोतवाली देहात गोंडा बेटी के घर पहुंचे तो उसका शव घर में मिला। मौके पर दामाद व समधिन मौजूद थीं।
उन्होंने संजू की मौत के कारण की जानकारी से इंकार किया। पिता मातादीन की सूचना पहुंची विशेश्वरगंज पुलिस ने घर का छानबीन कर एक कुदाल बरामद की और शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में संजू के सिर पर पहुंचाई गई चोट से उसके बेहोश होने की पुष्टि हुई।
पुलिस ने दहेज हत्या का केस दर्ज किया। कुदाल को भी जांच के लिए विधि विज्ञान प्रयोगशाला भेजा गया। कोर्ट में केस की सुनवाई के दौरान गवाहियां हुईं जिसमें दहेज हत्या का कोई साक्ष्य नहीं मिला। गुरुवार को अपर सत्र न्यायाधीश फास्ट ट्रैक कोर्ट अनिल कुमार वशिष्ठ ने मामले की सुनवाई की।
अभियोजन पक्ष की ओर से एडीजीसी क्रिमनल फिरोज अहमद खां व बचाव पक्ष के वकील ने बहस की। बहस सुनने के बाद अपर सत्र न्यायाधीश वशिष्ठ ने आरोपी विनोद को दहेज प्रतिषेध अधिनियम से दोषमुक्त करार दिया।
उसे धारा 302 के तहत हत्या के अपराध में दोष सिद्ध किया। अपर सत्र न्यायाधीश ने आरोपी पति विनोद को हत्या में आजीवन कारावास व 50 हजार रुपये जुर्माना से दंडित किया है। जुर्माना अदा न करने पर उसे एक वर्ष का अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा।