उर्रा (बहराइच)। नौबना रंगीलालपुरवा निवासी एक निशक्त महिला के खाते से 26 हजार रुपये दूसरे के खाते में 10 मार्च को ट्रांसफर कर दिया गया, जबकि 10 हजार रुपये बैंकमित्र ने उसके एटीएम कार्ड से दो बार में खुद निकाल लिए।
महिला जब अपने खाते से पैसा निकालने बैंक पहुंची तो खाते में सिर्फ 238 रुपये पाकर उसके होश उड़ गए। उसने शाखा प्रबंधक से शिकायत की।
प्रबंधक ने पैसे वापस करने के लिए बैंक मित्र को बुलाया लेकिन वह नहीं आया।
मुर्तिहा के नौबना ग्राम पंचायत के रंगीलालपुरवा निवासी राजमती राजभर पत्नी स्वर्गीय रामनाथ राजभर का खाता इलाहाबाद यूपी ग्रामीण बैंक शाखा उर्रा में है।
राजमती की पासबुक बैंकमित्र दिनेश कुमार ने सात माह पूर्व पेंशन दिलाने के बहाने ले ली थी। राजमती ने बताया कि उस समय उसके खाते में 36238 रुपये थे।
महिला का कहना है कि पेंशन न मिलने पर उसने बैंकमित्र दिनेश कुमार से पासबुक मांगा तो उसने पहले हीलाहवाली की इसके बाद 29 जुलाई को किसी तरह पासबुक वापस की।
सोमवार को जब राजमती निजी काम के लिए बैंक में अपने खाते से दो हजार रुपये निकालने पहुंची तो उसके खाते में इतने रुपये न होने की बात बैंक के कर्मचारियों ने कही।
इस पर उसने स्टेटमेंट निकलवाया तो पता चला कि उसके खाते से खाता संख्या 13700100123556 में 10 मार्च को 26 हजार रुपये ट्रांसफर कर दिया गया था, जबकि पांच-पांच हजार रुपये दो किस्तों में बैंक मित्र ने खुद निकाल लिए।
इसकी पुष्टि बैंक स्टेटमेंट से हो रही है। जब इसकी जानकारी बैंक कर्मचारियों व शाखा प्रबंधक को हुई तो हड़कंप मच गया। राजमती ने शाखा प्रबंधक को रुपये लौटाने और बैंकमित्र पर कार्रवाई की मांग की है।
बैंकमित्र पर होगी कार्रवाई : प्रबंधक
शाखा प्रबंधक दिनेश आनंद ने कहा कि घटना की पुष्टि करते हुए कहा कि बैंकमित्र ने पासबुक से दूसरे के खाते में 26 हजार रुपये ट्रांसफर करवाए हैं, जबकि 10 हजार रुपये उसने खुद निकाला है।
बैंकमित्र को बुलाया गया लेकिन वह नहीं आया। राजमती को पैसा वापस दिलाया जाएगा। बैंकमित्र के खिलाफ कार्रवाई के लिए उच्चाधिकारियों को पत्र लिखा जा रहा है।