नवाबगंज (बहराइच)। नानपारा के अगैया में बैंक ग्राहकों की गाढ़ी कमाई लेकर फरार होने का खुलासा होने के बाद शनिवार को एक और बड़ा खुलासा हुआ। अब नवाबगंज ग्राहक सेवा केंद्र के 510 खाताधारकों को झटका लगा है।
अगैया के सेवा केंद्र का संचालन करने वाला मोहम्मद अहमद नवाबगंज के ग्राहकों के ढाई करोड़ रुपये लेकर चंपत हो गया है। 10 दिन से केंद्र पर ताला लटक रहा है।
शनिवार को अगैया का मामला जानने के बाद नवाबगंज केंद्र के ग्राहकों को भी अपने ठगे जाने का अहसास हुआ। एक ग्राहक ने थाने में धोखाधड़ी का केस भी दर्ज कराया है।
अन्य ग्राहकों ने एसबीआई के शाखा प्रबंधक से शिकायत की है। नवाबगंज केंद्र का खाता भी सीज कर क्षेत्रीय कार्यालय को सूचना दी गई है। दोनों केंद्रों की साथ में जांच होगी।
नानपारा निवासी मोहम्मद अहमद ने स्टेट बैंक ऑफ इंडिया के साथ-साथ ग्राहकों को खूब चपत लगाई है। उसने अगैया बाजार में संचालित किओस्क ग्राहक सेवा केंद्र के नाम से ही नवाबगंज बाजार में भी एसबीआई का ग्राहक सेवा केंद्र खोल रखा था।
यहां 27 गांव के लोगों ने खाता खुलवाया था। 510 खाताधारक थे। इस केंद्र पर ग्राहकों के मुताबिक लगभग ढाई करोड़ रुपये जमा थे लेकिन अगैया के साथ ही नवाबगंज केंद्र का संचालन भी रातों-रात बंद कर दिया गया।
इतना ही नहीं, संचालक मोहम्मद अहमद ने ग्राहक सेवा केंद्र का बोर्ड हटाकर जनसेवा केंद्र का बोर्ड लटका दिया। यहां के ग्राहक अभी भी केंद्र खुलने का इंतजार कर रहे थे लेकिन अमर उजाला द्वारा अगैया में हुई धोखाधड़ी का खुलासा प्रमुखता से किया गया तो नवाबगंज क्षेत्र के ग्राहकों को भी अपने ठगे जाने का अहसास हुआ।
शिवपुर सेमरा निवासी भुसैली ने केंद्र संचालक मोहम्मद अहमद के खिलाफ नवाबगंज थाने में धोखाधड़ी का केस दर्ज कराया है। थानाध्यक्ष मोहम्मद यासीन का कहना है कि मामले की जांच शुरू कर दी गई है।
उधर, अन्य उपभोक्ताओं ने नानपारा स्टेट बैंक के शाखा प्रबंधक पीके सक्सेना को मामले की जानकारी दी तो शाखा प्रबंधक ने इस मामले में भी जोनल कार्यालय के अधिकारियों को अवगत कराया। उन्होंने कहा कि नवाबगंज केंद्र का खाता भी सीज कर दिया गया है। दोनों केंद्रों की जांच एक साथ होगी।
इन गांवों के ग्रामीण करते थे लेनदेन
नवाबगंज स्थित ग्राहक सेवा केंद्र पर बख्शी गांव, राजापुर, मंसूक गांव, शिवपुर, सेमरा, छेदा गांव, मस्जिदिया, किशुन गांव, रामनगर, मिर्जापुर तिलक, भटपुरवा, बघमरी, रहमतू गांव, तिवारी गांव, ललक गांव, हरिहरपुर, बौंवा गांव, बसऊ गांव, सेमरा, अंटहवा, अवधूद गांव, जलालपुर, पुरैना, महादेवा, जमादार गांव, सत्तीजोर, बनकसही समेत 27 गांवों के लोगों का लेनदेन होता था।
कैसे होगी बेटी की शादी, लूट ले गया हमें
ग्राहक सेवा केंद्र पर खाते का संचालन करने वाले ग्रामीण परेशान हैं। शिवपुर सेमरा गांव निवासी भुसैली का कहना है कि वह दूध बेचकर परिवार का खर्च चलाता था। बेटी की शादी के लिए 51 हजार रुपये जमा किया था।
हसीम निवासी छेदा गांव के 65 हजार जमा थे। वह भी परेशान है। यह पैसा भी बेटी की शादी के लिए इकट्ठा कर रहे थे। साहिदा बेगम ने घरेलू खर्च के लिए 33 हजार रुपये जमा कर रखे थे।
साहिदा के पति मुंबई में मेहनत मजदूरी करता है। कुन्नन पत्नी रईश ने बेटे के विवाह के लिए 12 हजार इकट्ठा किए थे। वहीं, नवाबगंज निवासी हसरत ने बेटी की शादी के लिए आठ हजार रुपये जोड़तोड़ कर जमा किये थे।
अब्दुल सलाम, इसरार, मोहम्मद कासिम, बीबी और निजामुद्दीन ने बताया कि उनके लगभग एक-एक लाख रुपये तक केंद्र पर जमा थे। इसी तरह कुछ अन्य ग्रामीणों के ढाई से तीन लाख रुपये इस केंद्र पर जमा हैं।