बहराइच (ब्यूरो)। तिगाई गांव निवासी एक महिला ने नोएडा की एक फाइनेंस कंपनी से 10 लाख रुपये ऋण लेने के लिए आवेदन किया था। कंपनी के अधिकारी कागजात तैयार करवाने और स्वीकृति के नाम पर एक लाख रुपये ऐंठकर महिला को ओरियंटल बैंक ऑफ कामर्स का 10 लाख का फर्जी चेक दे दिया। महिला चेक लेकर बैंक पहुंची तो पता चला कि चेक पर दर्ज खाता नंबर बैंक में है ही नहीं। पीड़िता ने सोमवार शाम एसपी को पत्र सौंपकर न्याय की गुहार लगाई है।
महसी तहसील क्षेत्र अंतर्गत हरदी के ग्राम तिंगाई निवासी शशि देवी पत्नी दीनदयाल ने एसपी को सौंपे पत्र में कहा है कि उसके घर की आर्थिक स्थिति ठीक नहीं है। इसके चलते उसने नोएडा के डीएलए फाइनेंस प्राईवेट लिमिटेड के अधिकारियों से संपर्क साधा। अधिकारी 10 लाख रुपये ऋण देने को तैयार हो गए।
ऋण की फाइल तैयार करने व सिक्योरिटी के रूप में अधिकारियों ने एक लाख की डिमांड की। शशि का कहना है कि फाइनेंस कंपनी का क्षेत्रीय प्रबंधक बताने वाले आर्यन चौधरी नामक व्यक्ति ने अपने खाता 50239978102 में पहले 23 हजार रुपये डालने को कहा। दूसरे चक्र में सर्वे के नाम पर उसने महसी क्षेत्र का दौरा करने की बात कही। यहां दौरा करने वह पहुंचा और फिर लौटते समय 75 हजार रुपये नकदी ले ली।
शशि का कहना है कि रुपये लेने के बाद 15 अप्रैल को उसे 10 लाख रुपये का चेक संख्या 074757 जारी किया गया। शशि ने जून में जब यह चेक इलाहाबाद बैंक की शाखा में लगाया तो पता चला कि ओरियंटल बैंक ऑफ कामर्स की जिस खाता नंबर से चेक जारी हुआ है, वह खाता नंबर ही गलत है।
इस मामले में बैंक प्रबंधक ने हफ्ते भर पहले चेक को फर्जी करार देते हुए शशि को डाक से चेक वापस कर दिया। शशि ने कंपनी के अन्य अधिकारियों से संपर्क साधने की कोशिश की लेकिन उनसे संपर्क नहीं हुआ।