रामगांव क्षेत्र के एक रिटायर्ड शिक्षक के बैंक खाते से फर्जीवाड़ा कर 19 लाख से अधिक रुपये निकाल लिए। यह फर्जीवाड़ा गत एक वर्ष की अवधि में एटीएम के जरिए किया गया जबकि खाताधारक ने यह सुविधा नहीं ली थी। खुलासा होने पर बैंक ने दो लाख रुपये खाते में वापस कर दिए लेकिन शेष रुपयों के लिए रिटायर्ड शिक्षक को दौड़ाया जा रहा है।
रामगांव क्षेत्र में परसोहना के रहने वाले रिटायर्ड शिक्षक भगौती प्रसाद यादव के मुताबिक उन्होंने वेतन के लिए इलाहाबाद यूपी ग्रामीण बैंक किशुनपुर मीठा शाखा में खाता खुलवाया था। भगौती प्रसाद एटीएम कार्ड नहीं बनवाया। खाते में करीब 26 लाख रुपये जमा थे। रिटायर्टमेंट के बाद मिले देयक भी उसी खाते में जमा किए थे।
गत सात नवंबर को भगौती प्रसाद बैंक पहुंचे। उन्हें आठ लाख रुपये किसी खाते में ट्रांसफर करने थे। भगौती का कहना है कि दोपहर तक नेटवर्क फेल होने का बहाना बताकर उन्हें बैठाए रखा गया। दोपहर बाद लिपिक ने खाते में सिर्फ 694787 रुपये होने की बात कही। इस पर भगौती प्रसाद सकते में आ गए।
उनका कहना है कि कंप्यूटर से ब्यौरा मांगने पर लिपिक ने वह देने से इंकार किया। ब्यौरा दिखाया जिसमें एटीएम कार्ड के जरिए 1917773 रुपये विभिन्न तिथियों में निकालने का पता चला। भगौती ने तत्काल शाखा प्रबंधक राकेश चंद्र श्रीवास्तव से शिकायत की। इससे हड़कंप मच गया। शाखा प्रबंधक ने जांच कराई तो पता चला कि भगौती के नाम पर फर्जी तरीके से एटीएम जारी हुआ।
भगौती प्रसाद ने शाखा प्रबंधक को पत्र देकर निकाला गया रुपया वापस करवाने व एफआईआर दर्ज करवाने की मांग की। इसके बाद भी कोई कार्रवाई नहीं हुई। भगौती का कहना है कि उन्हें सिर्फ दो लाख रुपये खाते में वापस किया गया है। शेष रुपये वापस करने के लिए समय मांगा जा रहा है।