नेपाल से अपहरण कर एक युवक को फिरौती के लिए रिसिया बाजार के मकान में बंधक बनाकर रखा गया था। सूचना मिलने पर पुलिस और स्वॉट टीम ने छापेमारी की। पुलिस टीम को देखते हुए बदमाशों ने फायरिंग शुरू कर दी। जवाबी फायरिंग करते हुए पुलिस टीम ने चार अपहरणकर्ताओं को धर दबोचा। युवक को भी छुड़ा लिया गया।
एक पखवारे पहले नेपाल के बदमाशों की ओर से एक युवक का अपहरण कर लिया गया था। अपहरणकर्ताओं ने युवक के घर वालों से 25 लाख की फिरौती की रकम मांगी थी। उसे रिसिया के मकान में छिपाकर रखा गया था। अपहरण की सूचना मिलने पर स्वॉट टीम के प्रभारी संजय कुमार दूबे ने रिसिया थानाध्यक्ष शुभसूचित वर्मा के साथ कस्बा निवासी फैसल पुत्र जब्बार के मकान में छापा मारा। पुलिस टीम को देखते ही बदमाशों ने उन पर फायरिंग कर दी।
जवाबी फायरिंग करते हुए पुलिस ने मौके से रुपईडीहा कस्बा निवासी शिवकुमार पाठक, नेपाल के बांके जिला के रांझा निवासी मुन्नन उर्फ मुन्ना नाऊ व आशमीन और नेपाल के बुलबुलिया वार्ड निवासी सत्तार उर्फ राजू खां को धर दबोचा। दूसरे कमरे से बचाओ की आवाज सुन टीम ने नेपाल के रांझा वार्ड निवासी युवक मुमताज अली पुत्र याकूब अली को छुड़ाया।
उसने बताया कि 25 लाख की फिरौती वसूलने के लिए उसका अपहरण चार दिन पूर्व किया गया था। पुलिस अधीक्षक सालिकराम वर्मा ने बताया कि घटना के दौरान बदमाशों के पास से एक तमंचा, कारतूस, बाइक और पांच मोबाइल बरामद हुए हैं। एसपी ने खुलासा करने पर टीम को पांच हजार रुपये का इनाम देने की घोषणा की है।
टीम में यह रहे शामिल
अपहरणकर्ताओं को दबोचने में स्वाट टीम के प्रभारी संजय दूबे के साथ सिपाही चंद्रशेखर यादव, सुधीर मिश्रा, मंजीत सिंह, सैय्यद इरफान अहमद, अवनीश विक्रम सिंह, अखिलेश राय, अरुणेश यादव और रिसिया एसओ शुभसूचित के साथ एसआई सूर्यभान, सिपाही तेज बहादुर सिंह व सत्यानंद यादव शामिल रहे।
दो करोड़ तक की फिरौती वसूल चुका गैंग
पुलिस अधीक्षक ने बताया कि शिवकुमार पाठक नेपाल और भारतीय सीमा क्षेत्र में अपहरण व फिरौती के कारोबार का मास्टर माइंड था। वह नेपाल से मालदार लोगों का अपहरण कर उनको बहराइच के रिसिया, रुपईडीहा, नानपारा आदि अलग-अलग हिस्सों में बंधक बनाकर रखता था। उसने पूछताछ में स्वीकार किया है कि वह अब तक दो करोड़ रुपये की फिरौती की रकम को अपहरण कर वसूल चुका है।
ज्वाला सिंह गिरोह का है कमांडर
एसपी ने बताया कि रुपईडीहा निवासी शिवकुमार पाठक नेपाल के भूमिगत संगठन जनतांत्रिक तराई मुक्तिमोर्चा ज्वाला सिंह समूह का सदस्य व जिला कमांडर है। वह नेपाल में जबरन वसूली के लिए जेल भी जा चुका है। जबकि दो अन्य सदस्य मुन्नन व सत्तार नेपाल में हत्या और अपहरण में जेल काट चुके हैं।