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तीमारदारों के घर से बुलाने पर भी नहीं आए डॉक्टर

Wed, 24 May 2017 10:44 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो
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जिला अस्पताल में एक बार फिर डॉक्टर की संवेदनहीनता दिखाई दी। मंगलवार देर रात अस्पताल में भर्ती एक हृदय रोगी की तबियत अचानक बिगड़ गई। इस पर हृदय रोग विशेषज्ञ को कॉल भेजी गई, लेकिन वह डेढ़ घंटे बाद भी मौके पर नहीं पहुंचे।
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घबराए परिवारीजन डॉक्टर को घर बुलाने गए लेकिन उन्हें बैरंग लौटना पड़ा। इस बीच मरीज ने दम तोड़ दिया। इससे गुस्साए परिवारीजनों ने हंगामा शुरू कर दिया। मारपीट की नौबत बन गई। मौके पर पहुंची पुलिस ने किसी तरह हालात को काबू में किया।

तीन घंटे तक अफरातफरी की स्थिति रही। पुलिस और अस्पताल प्रशासन के समझाने पर लोग शांत हुए। शहर के मोहल्ला मंसूरगंज निवासी मुश्ताक अली (44) हृदय रोग से पीड़ित थे। मंगलवार दिन में उन्हें सीने में दर्द हुआ। इस पर परिवारीजनों ने जिला अस्पताल में भर्ती कराया।
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शाम सात बजे के आसपास मुश्ताक की तबियत बिगड़ गई। इस पर तीमारदारी में लगे परिवारीजनों ने इमरजेंसी के डॉक्टरों को मामले की जानकारी देकर हृदय रोग विशेषज्ञ डॉ. मलय श्रीवास्तव को बुलाने को कहा।

इमरजेंसी के चिकित्सक पहुंचे, उन्हें भी हृदय रोग विशेषज्ञ को कॉल करने की आवश्यकता महसूस हुई। इस पर इमरजेंसी से कॉल चिकित्सक डॉ. मलय श्रीवास्तव को भेजी गई। लेकिन डेढ़ घंटे बाद भी वे नहीं आए।

परेशान परिवारीजन स्वयं पुलिस लाइंस रेलवे क्रॉसिंग स्थित डॉ. मलय के आवास पहुंचे। परिवारीजनों का आरोप है कि चिकित्सक घर से नहीं निकले। इस पर वे वापस लौट गए। तब तक जिला अस्पताल में मुश्ताक की मौत हो चुकी थी। इस पर सभी बिफर पड़े। हंगामा शुरू हो गया।

सूचना पर सीओ सिटी विजयशंकर मिश्र, सीएमएस डॉ. डीके सिंह मौके पर पहुंचे। किसी तरह गुस्साए परिवारीजनों को समझाया। दोषी चिकित्सक के खिलाफ जांच कर कार्रवाई करने का आश्वासन दिया, तब लोग शांत हुए। रात में तीन घंटे तक हंगामे की स्थिति रही। इससे मरीज और तीमारदार परेशान रहे। अस्पताल पुलिस छावनी में तब्दील रहा।

जांच के बाद होगी कार्रवाई
हृदय रोग विशेषज्ञ पर ड्यूटी में हीलाहवाली का आरोप लगा है। इसके कारण हंगामे की स्थिति बनी। इस मामले में स्वयं जांच कर रहे हैं। जो भी दोषी होगा, उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। 
-डॉ. डीके सिंह, मुख्य चिकित्साधीक्षक

अस्पताल पहुंचने से पहले हो चुकी थी मौत
मरीज की हालत बिगड़ने पर जिला अस्पताल से कॉल भेजी गई। इसके 20 मिनट के अंदर अस्पताल पहुंच गया। लेकिन तब तक मुश्ताक की मौत हो चुकी थी। भर्ती होने के समय ही मरीज की स्थित काफी खराब थी। उसे हार्ट अटैक का दौरा पड़ा था।
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-डॉ. मलय श्रीवास्तव हृदय रोग विशेषज्ञ

 
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