रुपईडीहा (बहराइच)। नेपाल सीमा पर बुधवार को चौथे दिन भी मधेसियों का प्रदर्शन जारी रहा। इसके चलते वाहन भारतीय सीमा में खड़े रहे। सिर्फ लोग पैदल आवागमन कर सके।
दोपहर में मौके पर पहुंचे बाइक सवार नेपाल के पुलिसकर्मी ने मधेसियों के प्रति अपशब्दों का प्रयोग किया। इसका विरोध करने पर पुलिसकर्मी ने चौकी के अंदर से पत्थर फेंके।
जवाब में आंदोलनकारी मधेसियों ने भी पथराव किया। सूचना पाकर पहुंची नेपाल पुलिस ने भी जवाब में पत्थर चलाए, जिससे एक घंटे तक अफरा तफरी की स्थिति बनी रही। पत्थर लगने से 12 प्रदर्शनकारी जख्मी हुए हैं।
स्वायत्त मधेस प्रदेश की मांग को लेकर बुधवार को चौथे दिन भी संयुक्त तराई मधेस मुक्ति मोर्चा की ओर से नाकाबंदी रही। मधेसियों की नाकाबंदी शांतिपूर्ण तरीके से चल रही थी तभी दोपहर में सिविल ड्रेस में बाइक से पहुंचे नेपाली सिपाही ने मधेसियों के प्रति अपशब्दों का प्रयोग किया।
इसका आंदोलनकारियों ने विरोध किया तो सिपाही ने जमुनहा चौकी के अंदर पहुंचकर आंदोलनकारियों पर पत्थर फेंके। नाकाबंदी पर मौजूद आंदोलनकारियों ने भी पत्थर चलाए।
सूचना पाकर पहुंचे नेपाल पुलिस बल के जवानों ने भी पथराव किया। एक घंटे तक संघर्ष चला। इस दौरान पत्थर लगने से आंदोलनकारी गिरिजा पाठक, ननकू, गफ्फार, लक्ष्मन राव समेत 12 आंदोलनकारी जख्मी हुए हैं।
सूचना पाकर मौके पर पहुंचे नेपाल सशस्त्र पुलिस बल के डीएसपी नरसिंह बूढ़ा, पुलिस बल के डीएसपी, भीम किरन बोकची ने किसी तरह स्थिति को संभाला। चोटहिल नागरिकों का नेपालगंज नरर्सिंग होम में इलाज कराया गया।
कैमरा छीना, भारतीय नागरिकों को खदेड़ा
बाबागंज। इंडो नेपाल सीमा पर बुधवार को प्रदर्शन के बाद जब भारतीय नागरिक सीमा पार कर नेपाल की ओर जा रहे थे तो नेपाल के जमुनहा चौकी के सिपाहियों ने उन्हें रोक दिया।
रुपईडीहा निवासी प्रवीन खोतान, पवन यादव, नसीम, राजू साहू, ननकऊ, अतीक और सेबू ने विराध किया तो अभद्रता करते हुए उन्हें दौड़ा लिया।
मौके पर मौजूद एक समाचार पत्र के पत्रकार ने मौके पर फोटोग्राफी की तो नेपाल के जवानों ने कैमरा छीन लिया। अपशब्दों का प्रयोग किया। जवान बोले, बिना आदेश के फोटो नहीं ले सकते। सूचना पाकर और पत्रकार भी पहुंच गए। कहासुनी के बाद कैमरा वापस किया।