रुपईडीहा (बहराइच)। इंडो नेपाल सीमा पर धरना दे रहे मधेशी आंदोलनकारियों को सोमवार देर रात नेपाल समुदाय के कुछ लोगों ने सीमा से हटाकर वाहनों को प्रवेश कराने की कोशिश की। इसी मामले को लेकर मारपीट शुरू हो गई।
मौके पर नेपाल सशस्त्र पुलिस बल के जवान पहुंचे। तो स्थिति बिगड़ गई। प्रदर्शनकारियों को हटाने के लिए नेपाल पुलिस ने रबर की गोलियां दागीं। जवाब में प्रदर्शनकारियों ने पेट्रोल बम से हमला किया।
गोली लगने से तीन आंदोलनकारी जख्मी हुए हैं। इधर, भारतीय क्षेत्र में एसएसबी अलर्ट हो गई है। फिलहाल आवागमन पूरी तरह रोक दिया गया है। सीमा पर चार सौ से अधिक आंदोलनकारी जमा हैं।
भारत नेपाल सीमा के मुख्य द्वार पर रविवार से मधेशी आंदोलनकारी शिविर लगाकर प्रदर्शन कर रहे थे। जिससे सीमा पर आवागमन पूरी तरह थमा हुआ था। वाहन नेपाल में नहीं जा पा रहे थे, जिससे नेपाल में खाद्य पदार्थें का संकट और भी गहरा गया है।
सोमवार रात नौ बजे मधेशी नागरिकों के धरना शिविर पर नेपाल के कुछ लोगों ने धावा बोलकर टेंट उखाड़ने की कोशिश की, इस पर मारपीट शुरू हो गई।
इसी दौरान मौके पर पहुंचे नेपाल सशस्त्र पुलिस बल के जवानों ने भी आंदोलनकारियों को भगाने का प्रयास किया तो संघर्ष शुरू हो गया। चार सौ से अधिक आंदोलनकारी मौके पर जमा हैं।
उन्हें नियंत्रित करने के लिए नेपाल पुलिस ने 12 चक्र रबर की गोलियां दागीं। जवाब में आंदोलनकारियों ने पथराव कर पेट्रोल बम फेंका जिससे अफरातजफरी मच गई।
रबर की गोली लगने से नेपाल के टंगपसरी निवासी 30 वर्षीय जिब्राइल समेत तीन आंदोलनकारी घायल हुए हैं। रह रह कर संघर्ष हो रहा है।
बहराइच एसपी सालिकराम वर्मा ने बताया कि एसएसबी और पुलिस अलर्ट है। हालात पर नजर रखी जा रही है। फिलहाल आवागमन रोंक दिया गया है। सीमा पर नोमेंस लैंड के निकट संघर्ष होने के चलते रुपईडीहा कस्बे के लोग भी दहशत में हैं।