मटेरा चौराहा क्षेत्र में एक ग्रामीण के घर कुछ लोगों ने हमलाकर तोड़फोड़ की। ग्रामीण व परिवारीजनों ने खुद को कमरे में बंद कर जान बचाई। इसके बाद हमलावरों ने पुलिस बुलाकर पीड़ित को पकड़ा दिया। पुलिस की इस कार्रवाई से ग्रामीण भड़क उठे। उन्होंने रविवार को मटेरा चौराहे पर पुलिस चौकी घेरकर जाम-प्रदर्शन किया।
इससे नानपारा-बहराइच मार्ग का यातायात जाम हो गया। इस पर कोतवाल ने मोबाइल पर पीड़ित को न्याय दिलाने का आश्वासन देकर ग्रामीणों को शांत कराया। नानपारा क्षेत्र में सिसवारा चैन गांव निवासी समयदीन और पुजारी शनिवार सुबह घर के सामने साफ-सफाई कर रहे थे। इसी दौरान गांव निवासी मेड़ई, राजू, शाहिद व जुम्मन आदि आ धमके।
पुराने मामले को लेकर विवाद के दौरान मेड़ई, राजू व उनके साथियों ने लाठी-डंडों से समयदीन और पुजारी पर हमलाकर दिया। दोनों घर के अंदर भागे तो हमलावर वहां भी जा धमके। दोनों ने परिवारीजनों के साथ खुद को कमरे में बंद कर जान बचाई। इस दौरान हमलावरों ने घर में तोड़फोड़ की। ईंट-पत्थर फेंके।
इसके बाद कोतवाली से पुलिस बुलवाकर समयदीन और पुजारी को पकड़वा दिया। रविवार दोपहर तक दोनों को नहीं छोड़ा गया तो गांव के लोग भड़क उठे। दर्जनों की संख्या में ग्रामीण मटेरा पुलिस चौकी के सामने पहुंचे और नानपारा-बहराइच मार्ग जामकर प्रदर्शन शुरू कर दिया। उन्होंने पीड़ितों को छोड़ने और हमलावरों पर कार्रवाई की मांग की।
रोड जाम से यातायात प्रभावित होने पर पुलिस हरकत में आई। कोतवाल विद्यासागर वर्मा ने मामले की जांच कर पीड़ित पक्ष को न्याय दिलाने का आश्वासन दिया। इसके साथ ही समयदीन को कोतवाली से छोड़ा जिसके बाद ग्रामीण शांत हुए। उधर मटेरा चौकी के इंचार्ज विजय सिंह का कहना है कि सिसवारा चैन गांव उनके क्षेत्र में नहीं है।