बहराइच। जिला अस्पताल में सोमवार सुबह डायरिया पीड़ित एक बालिका की इलाज के दौरान मौत हो गई। इससे गुस्साए तीमारदारों ने डॉक्टरों पर इलाज में कोताही बरतने का आरोप लगाते हुए खूब हंगामा किया।
इमरजेंसी कक्ष में तोड़फोड़ कर डॉक्टरों को मारने के लिए दौड़ा लिया। करीब एक घंटे तक चले हंगामे से मरीजों को काफी दिक्कत हुई। पुलिस के पहुंचने पर मामला शांत हुआ।
दरगाह शरीफ थाना क्षेत्र अंतर्गत दरगाह मोहल्ला निवासी शेर अली की पुत्री नाज खान (6) उल्टी-दस्त ने पीड़ित थी। सोमवार सुबह हालत बिगड़ने पर परिवार वालों ने उसे जिला अस्पताल पहुंचाया।
यहां इमरजेंसी ओपीडी इंचार्ज व बाल रोग विशेषज्ञ डॉ एहतिशाम अली ने नाज का इलाज शुरू किया लेकिन थोड़ी देर में ही नाज की सांसें थम गईं। इससे तीमारदार भड़क उठे।
सभी ने डॉक्टर पर इलाज में लापरवाही बरतने का आरोप लगाते हुए हंगामा शुरू कर दिया। आक्रोशित लोगों ने ओपीडी में मौजूद डॉ एहतिशाम, डॉ बृजेश व अन्य स्टाफ से हाथापाई की फिर उन्हें पीटने के लिए दौड़ा लिया।
डॉक्टरों ने किसी तरह खुद को बचाया। इस बीच आक्रोशित भीड़ ने ओपीडी में रखे रजिस्टर, दवाएं व अन्य उपकरण जमीन पर फेंक दिए। ओपीडी गेट पर लगा शीशा भी तोड़ दिया, जिससे अफरातफरी मच गई।
सूचना पुलिस को दी गई लेकिन पुलिस करीब आधे घंटे बाद पहुंची। कानूनगोपुरा चौकी इंचार्ज शेषमणि पांडेय ने तीमारदारों को शांत करवाया। उन्होंने पोस्टमार्टम कराने की सलाह दी लेकिन तीमारदार इसके लिए तैयार नहीं हुए और शव लेकर घर चले गए।
इलाज में लापरवाही नहीं
बालिका डायरिया से पीड़ित थी। वह बेहद गंभीर हालत में अस्पताल लाई गई थी। डॉक्टरों ने बचाने का प्रयास किया लेकिन असफल रहे। इलाज में लापरवाही नहीं हुई है। फिर भी मामले की जांच की जा रही है।
- डॉ माहेश्वरी पांडेय, मुख्य चिकित्सा अधीक्षक