बहराइच। छह साल की मासूम पोती को खुश करने के लिए दादा ने जो फ्रूटी खरीदकर दी उसमें मरी हुई छिपकली निकली। फ्रूटी पीते ही बच्ची की तबीयत बिगड़ गई, उसे जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां उसकी हालत में सुधार है।
खाद्य सुरक्षा अधिकारी ने फ्रूटी का पैकेट सीजकर सैंपल परीक्षण के लिए गोरखपुर प्रयोगशाला भेजा है। इसी के साथ दुकान में मिली संबंधित बैच की तीन पेटी फ्रूटी सीज कर पांच सैंपल परीक्षण के लिए भेजे गए हैं।
कोतवाली नगर क्षेत्र के छोटीबाजार निवासी सत्यदेव गुप्ता घर के पास स्थित रामकुमार की दुकान से सोमवार रात अपनी पौत्री अंजलि के लिए फ्रूटी का पाउच लेकर आए थे। अंजलि फ्रूटी पी रही थी तभी उसने मिचली आने लगी।
उसकी तबीयत बिगड़ने लगी तो घर वालों ने पाउच फाड़ा तो उसमें मरी छिपकली देख सकते में आ गए। सत्यदेव की शिकायत पर रात में ही तहसील सदर के खाद्य सुरक्षा अधिकारी वागीशमणि त्रिपाठी ने रामकुमार की दुकान पर छापा मारा।
खाद्य सुरक्षा अधिकारी वागीशमणि त्रिपाठी का कहना है जिस पाउच में छिपकली निकली है, उस पाउच पर अंकित बैच नंबर के फ्रूटी पैक की बिक्री प्रतिबंधित करवाई जा रही है।
इस मामले में कंपनी के अधिकारियों को भी पत्र लिखकर जानकारी दी गई है। जिले के सभी शीतल पेय विक्रेताओं को भी अलर्ट किया गया है।
वागीश मणि त्रिपाठी ने बताया कि फ्रूटी के थोक विक्रेता हरिश्चंद्र के प्रतिष्ठान पर पहुंचकर मंगलवार शाम को जांच की गई।
इसके बाद हरिश्चंद्र को नोटिस देकर तीन दिन में सप्लाई किए गए पूरे माल को इकट्ठा कराने को कहा गया है। माल के इकट्ठा होने पर उसे टीम के सामने नष्ट कराया जाएगा।
इस बैच की फ्रूटी की बिक्री प्रतिबंधित
खाद्य सुरक्षा अधिकारी ने बताया कि बैच संख्या 28/06/15 के फ्रूटी पैक में छिपकली निकली है। इसके चलते उसकी बिक्री पर जिले में रोक लगा दी गई है। नानपारा, रिसिया, पयागपुर, कैसरगंज तहसील क्षेत्र के विक्रेताओं को भी हिदायत दी गई है।
कंपनी से किया जाएगा जवाब तलब
अपर जिलाधिकारी विद्याशंकर सिंह ने कहा िककि यह कंपनी की लापरवाही का मामला है। फ्रूटी बनाने वाली कंपनी के अधिकारियों से जवाब-तलब किया जाएगा। सैंपल टेस्टिंग की रिपोर्ट आने पर जिम्मेदारों पर कार्रवाई की जाएगी।