विभागीय लापरवाही के चलते पावर कार्पोरेशन के एक संविदा कर्मी की सोमवार को जान चली गई। उपकेंद्र से शटडाउन लेकर संविदा कर्मी जब खंभे पर चढ़कर मरम्मत कार्य कर रहा था तभी आपूर्ति चालू कर दी गई।
इससे संविदाकर्मी की करंट लगने से मौत हो गई। इससे नाराज ग्रामीणों ने भिनगा उपकेंद्र पहुंच तोड़फोड़ की। अधिशासी अभियंता व कर्मचारियों को पीटा। पुलिस के काफी समझाने पर भीड़ शांत हुई।
उपकेंद्र भिनगा के सिरसिया फीडर क्षेत्र में कार्यरत विद्युत संविदा कर्मी अनिल कुमार वर्मा सोमवार शाम शटडाउन लेकर संभारपुरवा में हाईटेंशन लाइन की मरम्मत करने गया था। संविदाकर्मी अनिल पोल पर चढ़ कर काम कर ही रहा था कि अचानक उपकेंद्र से बिजली आपूर्ति शुरू कर दी गई।
इससे बिजली के करंट की चपेट में आने से अनिल कुमार की मौत हो गई। इसकी सूचना मिलते ही ग्रामीण उग्र हो उठे। ग्रामीणों की भीड़ ने विद्युत उपकेंद्र पर धावा बोल दिया। यह देख वहां मौजूद कर्मचारी भाग खड़े हुए। गुस्साई भीड़ ने उपकेंद्र में तोड़फोड़ की।
इस दौरान वहां मिले अधिशासी अभियंता नंदलाल व एक-दो कर्मचारियों के साथ भीड़ ने मारपीट भी की। परिसर में खड़े सरकारी वाहन को भी तोड़ डाले। डेढ़-दो घंटे तक विद्युत उपकेंद्र में जमकर हंगामा हुआ। कर्मचारियों की सूचना पर कोतवाली भिनगा पुलिस मौके पर पहुंची।
कस्बा प्रभारी के समझाने पर ग्रामीण शांत नहीं हुए तो अतिरिक्त पुलिस बल बुलाया गया। उसके बाद हंगामा शांत हुआ। ग्रामीणों का आरोप हे कि विद्युत उपकेंद्र भिनगा में तैनात एक संविदा व कुछ स्थायी कर्मचारियों की मिलीभगत से जानबूझ कर शट डाउन होने पर भी विद्युत आपूर्ति चालू कर दी गई।
उनके खिलाफ कार्रवाई की जाए। प्रभारी निरीक्षक रामयतन के मुताबिक किसी तरह ग्रामीणों को समझा कर शांत कराया गया है। अभिलेखों में प्रथम दृष्टया शट डाउन लेने की बात सही बताई जा रही है।