विशेश्वरगंज थाना क्षेत्र के एक गांव में घर के आंगन में चारपाई पर सो रही ढाई साल की मासूम को किसी दरिंदे ने अगवा करके रेप किया और लहूलुहान हालत मेें खेत में छोड़कर भाग गया। मासूम को आंगन में सुलाकर पड़ोस में आयोजित द्वारपूजा में शामिल होने गए माता-पिता लौटे तो बेटी को गायब देख सन्न रह गए।
तलाश शुरू की तो वह खेत में लहूलुहान हालत में बेहोश पड़ी मिली। आनन-फानन में उसे सीएचसी पहुंचाया गया। जहां से डॉक्टरों ने जिला अस्पताल रेफर कर दिया। जिला अस्पताल में इलाज के दौरान हालत बिगड़ने पर डॉक्टरों ने मासूम को ट्रॉमा सेंटर लखनऊ रेफर कर दिया। इस मामले में अज्ञात के खिलाफ रेप और पॉस्को एक्ट की धाराओं में केस दर्ज कर पुलिस ने जांच शुरू की है। एसपी ने भी घटनास्थल का मुआयना किया है।
विशेश्वरगंज थाना अंतर्गत एक गांव निवासी ग्रामीण के पड़ोस में सोमवार रात वैवाहिक समारोह था। ग्रामीण का पूरा परिवार कार्यक्रम में आमंत्रित था। रात करीब 09:30 बजे ग्रामीण की पत्नी ने ढाई वर्षीय बेटी को आंगन में चारपाई पर सुला दिया। पास ही दूसरी चारपाई पर मासूम की दो बड़ी बहनें सो रही थीं।
बच्चों के सोने के बाद माता-पिता पड़ोसी में द्वारपूजा में शामिल होने चले गए। रात 11 बजे दंपती घर लौटे तो बड़ी बेटियां तो चारपाई पर सो रही थीं। मगर ढाई वर्षीय मासूम गायब मिली। इस पर माता-पिता ने दोनों बेटियों को जगाकर छोटी बेटी के बारे में पूछा, मगर वह कुछ नहीं बता सकीं।
खोजबीन शुरू की गई तो भोर चार बजे गांव निवासी बृजकिशोर के खेत में ढाई वर्षीय मासूम लहूलुहान हालत में बेहोश पड़ी मिली। कुछ दूरी पर उसके कपड़े पड़े थे। इस पर मां-बाप बिलख पड़े। गांव के लोग भी इकट्ठा हो गए। आनन-फानन में मासूम को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पहुंचाया गया।
जहां प्राथमिक उपचार के बाद डॉक्टरों ने उसे जिला अस्पताल रेफर कर दिया। मगर मंगलवार दोपहर जिला अस्पताल में मासूम की हालत बिगड़ गई। जिसके चलते उसे ट्रॉमा सेंटर लखनऊ रेफर कर दिया गया।
घटना की सूचना पाकर एसपी सुनील सक्सेना व सीओ एपी सिंह ने ने गांव पहुंचकर घटनास्थल का मुआयना किया। एसपी ने थानाध्यक्ष वकील पांडेय को घटना का जल्द खुलासा करने के साथ ही आरोपियों की गिरफ्तारी के आदेश दिए। एसपी ने बताया कि मासूम के पिता की तहरीर पर अज्ञात के खिलाफ अगवा कर रेप व पॉस्को एक्ट के तहत केस दर्ज किया गया है।