महसी तहसील के पचदेवरी गांव के कोटे का अनाज बैलगाड़ी से लादकर रात में चोरी छिपे बिक्री के लिए बाजार भेजा जा रहा था। इसकी भनक ग्रामीणों को लगी। इस पर सभी ने गांव के बाहर घेराबंदी कर अनाज लदी बैलगाड़ी को मंगलपुरवा चौराहे पर पकड़ लिया। सूचना एसडीएम व डीएम को दी गई है।
लेकिन तत्काल मौके पर कोई अधिकारी नहीं पहुंचा। जिससे ग्रामीण आंदोलन की मुद्रा में आ गए। हालांकि सुबह एसडीएम ने पहुंचकर गुस्साए ग्रामीणों को समझा बुझाकर बरामद अनाज को बैलगाड़ी समेत कब्जे में ले लिया है। बैलगाड़ी का चालक रात में ही भाग गया। राशन को सीज कर जांच शुरू की गई है। जिसके बाद एफआईआर की कार्रवाई होगी।
महसी तहसील अंतर्गत पचदेवरी गांव के ग्रामीण कोटेदार की मनमानी से अरसे से तंग थे। कोटेदार द्वारा ग्रामीणों को राशन का वितरण नहीं किया जा रहा था। धमकी भी दी जा रही थी। मार्च माह का अनाज गांव के कार्डधारकों को नहीं मिल सका है। न ही अप्रैल में वितरण हुआ है
। बुधवार रात गांव के लोगों को पता चला कि कोटेदार अनाज को गोदाम से निकालकर रात में धनावा मार्ग से बाजार भेजने वाला है। इस पर गांव के लोग अनाज को गोदाम से निकालने का इंतजार करने लगे।
रात एक बजे के आसपास बैलगाड़ी पर कोटे का चावल और गेहूं लादकर चुरईपुरवा धनावा मार्ग की ओर रवाना किया गया। इस पर गांव निवासी सनमन, मनोज कुमार, पवन, संजय, अनिल कुमार समेत 25 से अधिक ग्रामीण एकजुट हो गए। सभी ने राशन लदी बैलगाड़ी को मंगलपुरवा चौराहे के निकट रोक लिया। रात में ही थाने पर सूचना दी गई।
तहसील को अवगत कराकर डीएम को भी मामले की जानकारी प्रदान की गई। लेकिन भोर तक कोई नहीं पहुंचा। इस पर ग्रामीण भड़क उठे। सभी आंदोलन की मुद्रा में आ गए। हालांकि ग्रामीणों के आंदोलित होने की सूचना पाकर एसडीएम मनोज कुमार ने गांव पहुंचकर सभी को समझा बुझाकर शांत किया। बैलगाड़ी पर लदे 18 बोरी चावल व 17 बोरी गेहूं को कब्जे में लेकर सीज कर दिया है।
उपजिलाधिकारी ने बताया कि बरामद राशन को पुलिस की सुपुर्दगी में दे दिया गया है। मामले की जांच क्षेत्रीय पूर्ति निरीक्षक को सौंपी गई है। जांच रिपोर्ट मिलने के बाद एफआईआर दर्ज करवाने की कार्रवाई की जाएगी। इस मामले में रिपोर्ट डीएम को भेज दी गई है।