बहराइच। जिला अस्पताल में सुविधाएं तो बढ़ती जा रही हैं लेकिन स्वास्थ्यकर्मियों में संवेदनाएं मरती ही जा रही हैं।
यहां प्रसव के लिए पहुंची एक महिला सोमवार सुबह करीब आधे घंटे तक गेट पर प्रसव पीड़ा से कराहती रही लेकिन आते-जाते स्वास्थ्यकर्मियों ने उसे हाथ लगाना मुनासिब नहीं समझा। तीमारदार महिलाओं ने उसका प्रसव कराया।
मीडिया कर्मियों के पहुंचने पर डॉक्टरों में हड़कंप मच गया। आननफानन प्रसूता को लेबर रूम लाया गया। अत्याधिक रक्त स्त्राव के कारण प्रसूता की हालत गंभीर हो गई थी। हालांकि, अब जच्चा-बच्चा स्वस्थ हैं। अब जिम्मेदार जांच का दावा कर रहे हैं।
नाजिरपुरा पश्चिमी मोहल्ला निवासी शोएब की पत्नी यासमीन (26) को सोमवार सुबह प्रसव पीड़ा शुरू हुई। परिवारीजनों ने उसे जिला अस्पताल पहुंचाया।
यहां अस्पताल गेट पर यासमीन को असहनीय दर्द होने लगा।वह कराहते हुए वहीं फर्श पर लेट गई। यहां मौके पर मौजूद गुड़िया, कुसुम बानो, सुनीता श्रीवास्तव और अन्य महिलाओं ने प्रसव कराया। यासमीन को बेटा हुआ।
इसके बाद यासमीन करीब आधे घंटे तक फर्श पर पड़ी कराहती रही लेकिन स्वास्थ्यकर्मी और अन्य स्टाफ तमाशबीन बने रहे।
इतने में मीडियाकर्मी पहुंच गए। इसकी भनक लगते ही इमरजेंसी ओपीडी में तैनात डॉ. ममता बसंत ने वार्ड आया शीला व स्वीपर राधा को भेजकर यासमीन को लेबर रूम पहुंचाया। हालत में सुधार होने पर उसे वार्ड में शिफ्ट कर दिया गया है।
चार घंटे स्ट्रेचर पर तड़पी और दम टूट गया
बहराइच। बलरामपुर के हरैय्या थाना क्षेत्र अंतर्गत हिंडुली गांव निवासी पुत्तीलाल की पत्नी रेखा (22) को प्रसव पीड़ा पर सोमवार सुबह जिला महिला अस्पताल लाया गया।
डॉक्टरों ने उसे भर्ती तो कर लिया लेकिन रेखा स्ट्रेचर पर ही करीब चार घंटे जिंदगी व मौत से जूझती रही। परिवारीजनों का आरोप है कि हालत गंभीर होने के बावजूद भी कोई डॉक्टर उसे देखने नहीं आया। इलाज के नाम पर सिर्फ ऑक्सीजन लगाया गया। आखिरकार रेखा ने दोपहर करीब एक बजे दम तोड़ दिया।
ब्लड बैंक में खून नहीं, रेफर
बहराइच। सोनवा के चंद्रखा बुजुर्ग गांव निवासी शिवकुमार ने पत्नी फूलमता (25) को प्रसव पीड़ा पर शनिवार को जिला महिला अस्पताल में भर्ती किया गया। उस वक्त सामान्य प्रसव हो जाने की बात बताई गई। इस इंतजार में दो दिन बीत गए। सोमवार को डॉ ममता बसंत ने ऑपरेशन की बात कहकर डॉक्टरों ने परिवारीजनों को खून का इंतजाम करने की सलाह दी। खून की जांच हुई तो मालूम हुआ कि फूलमता का ब्लड ग्रुप बी निगेटिव है। अस्पताल की पैथोलोजी में इस ग्रुप का ब्लड नहीं मिला। इस पर डॉ ममता बसंत ने उसे लखनऊ रेफर कर दिया है।
गंभीर हालत में लाई गईं
इएमओ डॉ. ममता बसंत ने बताया कि सूचना मिलते ही यासमीन को भर्ती किया गया है। जच्चा-बच्चा स्वस्थ्य हैं। जबकि फूलमता के परिवार वालों को ब्लड के इंतजाम के लिए कहा गया था, इस बीच उसकी हालत गंभीर हो गई। इसलिए उसे रेफर किया गया है। तीमारदार ब्लड भी नहीं ला सके थे। उधर, रेखा बेहद गंभीर हालत में अस्पताल पहुंची थी। बचाने का प्रयास किया गया, लेकिन मौत हो गई। कोई संवेदनहीनता नहीं बरती गई है।
सभी मामलों की होगी जांच ः सीएमएस
जिला महिला अस्पताल के प्रभारी मुख्य चिकित्सा अधीक्षक डॉ. अजय वर्मा ने बताया कि निजी कार्य के सिलसिले में मुख्यालय से बाहर हूं, कोई भी जानकारी नहीं है। लौटने के बाद सभी मामलों की जांच कराई जाएगी।