जिले की सीएचसी व पीएचसी में एनएचएम के तहत खर्च हुए करोड़ोें के बजट की स्पेशल ऑडिट करने नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक (कैग) की दो सदस्यीय टीम ने सोमवार को सीएमओ कार्यालय में डेरा जमा दिया।
जांच शुरू होने के साथ ही स्वास्थ्य विभाग में हड़कंप मचा है। जांच में खरीद के घपले उजागर होने की आशंका से संबंधित अधिकारी व कर्मचारी दहशत में हैं। राष्ट्रीय हेल्थ मिशन के तहत कुष्ठ, नेत्र, टीबी आदि के मरीजों के उपचार के लिए प्रतिवर्ष करोड़ों रुपये आवंटित होता है।
इस बजट का हिसाब जानने के लिए टीम ऑडिट करती है। इस बार सरकारी धन के खर्च की जांच करने विशेष तौर पर नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक (कैग) इलाहाबाद की दो सदस्यीय टीम ए मुखर्जी के नेतृत्व में बहराइच पहुंची है। टीम ने सीएमओ कार्यालय में डेरा डाला है।
सोमवार को टीम ने टीबी विभाग व जिला अंधता निवारण कार्यक्रम के अभिलेखों को खंगाला है। एनएचएम के तहत सीएचसी व पीएचसी में खर्च हुए बजट का हिसाब भी देख रही है। फखरपुर, कैसरगंज, चित्तौरा, रिसिया, पयागपुर, विशेश्वरगंज आदि सीएचसी में वित्तीय अनियमितता की आशंका है।
टीम ने सीएचसी व पीएचसी से बजट खर्च से संबंधित अभिलेख तलब किए हैं। विभागीय सूत्रों की मानें तो एनएचएम के तहत उपकरणों की खरीद में घपला किया गया। पोलियो अभियान, बाल स्वास्थ्य आदि कार्यक्रमों में अधिग्रहीत वाहनों के संचालन में खेल किया गया है। इनकी जांच को लेकर ही कर्मचारियों में हड़कंप है।
मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. डीआर सिंह के मुताबिक कैग टीम स्वास्थ्य विभाग पहुंची है। टीम पांच सीएचसी का स्पेशल ऑडिट करेगी। अन्य सीएचसी पर खर्च हुए बजट का सैंपल के तौर हिसाब लिया जाएगा। जांच टीम का पूर्ण सहयोग किया जा रहा है।