बहराइच। प्राथमिक विद्यालयों में कार्यरत समायोजित शिक्षकों का समायोजन रद्द होने के बाद से उनमें उबाल है। इसके चलते समायोजित शिक्षक निरंतर कार्य बहिष्कार कर रहे हैं। अब जूनियर विद्यालय शिक्षक संघ भी शिक्षामित्रों के समर्थन में आ गया है। इसके चलते जिले के 90 फीसदी स्कूलों में ताला लटक गया है। छात्र स्कूल पहुंचे, पर ताला लगा होने से घर को लौट गए। जो स्कूल खुले, वह बस औपचारिकता भर ही रहे। पठन-पाठन पूरी तरह से ठप रहा। शिक्षा व्यवस्था पूरी तरह चरमराई दिखी।
जिले के 14 विकास खंडों में 2470 प्राथमिक विद्यालय स्थापित हैं। इन स्कूलों में 3247 शिक्षामित्रों की तैनाती है। इनमें से 2400 शिक्षामित्र समायोजन के तहत दो चक्रों में सहायक अध्यापक के पद पर समायोजित हो चुके थे। बेहतर शिक्षण कार्य भी कर रहे थे। 847 शिक्षामित्र समायोजन के लिए शेष थे। तभी सुप्रीमकोर्ट ने फैसला सुनाकर सभी को पैदल कर दिया। इसके चलते अध्यापन कार्य करने वाले शिक्षामित्र आंदोलन करने को मजबूर हुए। फैसले के विरोध में शुक्रवार को तीसरे दिन भी प्राथमिक स्कूलों में कार्य बहिष्कार जारी रहा। वहीं जूनियर शिक्षक संघ के समर्थन में आने के चलते जिले के 90 फीसदी प्राथमिक व जूनियर विद्यालयों में ताला लटक गया है। ब्लाक संसाधन केंद्र पर भी सन्नाटा पसरा है। पढ़ाई व्यवस्था पूरी तरह से ठप हो गई है। शिक्षामित्र संघ के प्रांतीय प्रवक्ता शिव श्याम मिश्र ने दावा किया कि जिले के नवाबगंज, फखरपुर, हुजूरपुर, महसी, शिवपुर, मिहींपुरवा, नवाबगंज आदि ब्लाकों में पढ़ाई पूरी तरह ठप है। मांगें न माने जाने तक यही स्थिति रहेगी।