फखरपुर/हरदी। आग का कहर लोगों पर सितम ढा रहा है। शुक्रवार दोपहर अचानक आग लगने से फखरपुर के टेपरा अजीजपुर गांव में आठ मकान राख के ढेर में तब्दील हो गए।
वहीं, हरदी के महाराजगंज कस्बे में कास्ट कला उद्योग के दो प्रतिष्ठान तड़के अज्ञात कारणों से लगी आग में जल गए। चपेट में आकर एक पोल्ट्री फार्म भी राख हो गया। यहां रखी गईं 150 मुर्गियां जिंदा जल गईं, जबकि चारे का भी बहुत नुकसान हुआ है।
हादसों में 18 लाख से अधिक के नुकसान का अनुमान लगाया जा रहा है। सूचना पाकर पहुंचे राजस्वकर्मियों ने मौका मुआयना किया है।
फखरपुर थाना क्षेत्र अंतर्गत ग्राम टेपरा अजीजपुर में शुक्रवार सुबह 11 बजे के आसपास अनवर अली के घर में आग धधक उठी। परिवार के लोगों ने आग बुझाने की कोशिश की लेकिन सफल नहीं हुए।
चीख पुकार सुनकर गांव के लोग दौड़े लेकिन तब तक पछुवा के कारण लपटें तेजी से फैल गईं। लपटों ने पड़ोसी सलाहुद्दीन, यार मोहम्मद, अफसरुन, अतीक, अली अहमद, साबिर अली, मुश्ताक अली आदि के मकानों को आगोश में ले लिया। इस दौरान लोगों ने अग्निशमन केंद्र को सूचना देने की कोशिश की लेकिन फोन रिसीव नहीं हुआ।
गांव के लोगों ने किसी तरह कड़ी मशक्कत कर आग को फैलने से रोका। इस अग्निकांड में अनवर के घर में रखे 10 हजार रुपये नकदी व सलाहुद्दीन का नौ हजार रुपये नकदी भी जल गया। अनाज, कपड़ा, बर्तन समेत गृहस्थी का कोई भी सामान नहीं बचा है।
उधर, हरदी थाना क्षेत्र के महाराजगंज कस्बे में मोहम्मद हसीन और मोहम्मद तहसीन का फर्नीचर का प्रतिष्ठान है। यह प्रतिष्ठान लकड़ी से बने मकान में ही स्थित था। शुक्रवार तड़के चार बजे के आसपास अचानक आग लग गई।
सूचना पाकर जब तक दोनों व्यवसायी मौके पर पहुंचते, तब तक दुकानें धधक उठीं। मोहम्मद हसीन ने बताया कि प्रतिष्ठान में लगभग पांच लाख मूल्य के चिरान की लकड़ी, सात डबल बेड, 50 सिंगल बेड, खराद व निर्माण की मशीनें जल गई हैं।
तहसीन की दुकान का भी सारा सामान जल गया है। सूचना के बावजूद यहां भी दमकल वाहन समय से नहीं पहुंचा, जिसके चलते आग की लपटों ने अकबाल के पोल्ट्री फार्म को भी आगोश में ले लिया। पोल्ट्री फार्म में मौजूद 150 मुर्गियां और करीब डेढ़ लाख रुपये का चारा जल गया।
दुकान धधकते देख पड़ा हार्ट अटैक
मोहम्मद हसीन के पिता अशफाक भी दुकान जलने की सूचना पाकर मौके पर पहुंचे। दुकान धधकता देख उन्हें हार्ट अटैक पड़ गया। तत्काल उन्हें निजी चिकित्सक के यहां ले जाया गया, जहां से डॉक्टरों ने उन्हें जिला अस्पताल रेफर कर दिया। वहां उनका इलाज चल रहा है।