राजीचौराहा (बहराइच)। घाघरा का जलस्तर धीरे-धीरे कम हो रहा है। जलस्तर कम होने के साथ ही घाघरा नदी ने कटान भी तेज कर दी है। महसी के गोलागंज, कायमपुर और बरुआ बेहड़ गांव में नदी की कटान के चलते आठ घर कट गए। वहीं खेती योग्य 20 बीघा जमीन भी नदी में समाहित हो गई। घाघरा नदी का जलस्तर एक सेंटीमीटर प्रतिघंटे की रफ्तार से कम हो रहा है। हालांकि दोपहर बाद जलस्तर स्थिर हो गया है।
घाघरा नदी में बीते दिनों नेपाल के पहाड़ी इलाकों में हुई भारी बरसात के बाद कैलाशपुरी, गिरिजापुरी और बनबसा बैराज से पानी छोड़ा गया था। जिसके कारण जलस्तर खतरे के निशान को पार कर गया था। लेकिन धीरे-धीरे घाघरा नदी का जलस्तर कम होना शुरू हो गया है। एल्गिन ब्रिज के केंद्रीय जल आयोग के मापक सुशील कुमार शुक्ला ने बताया कि घाघरा का जलस्तर लगभग 31 सेंटीमीटर कम हो गया है। सुबह 11 बजे तक जलस्तर एक सेंटीमीटर प्रतिघंटे की रफ्तार से कम हो रहा था। लेकिन उसके बाद से जलस्तर स्थिर हो चुका है। उधर घाघरा नदी का जलस्तर कम होने के साथ ही नदी ने महसी इलाके में कटान भी तेज कर दी है। महसी के ग्राम सभा गोलागंज अंतर्गत कहारनपुरवा मजरा निवासी बनवारी लाल, कोयली, भुरऊ, करन, बहोरिक प्रसाद, लालता व गुल्लू समेत आठ लोगों के मकान नदी में समाहित हो गए। वहीं घाघरा की कटान में खेती योग्य 20 बीघा जमीन भी कट गई है। एसडीएम महसी नागेंद्र कुमार ने अधिकारियों व कर्मचारियों को बाढ़ की स्थिति नजर रखने के निर्देश दिए हैं।