नोडल अधिकारी मंडलायुक्त रवि प्रकाश अरोड़ा ने गुरुवार को तेजवापुर के ब्लॉक मुख्यालय, सीएचसी और भोगियापुर समग्र ग्राम का निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान अस्पताल में अव्यवस्था पर प्रभारी चिकित्सक का वेतन रोकते हुए विभागीय कार्रवाई के निर्देश दिए। इलाज किए जाने वाले पशुओं की सूची न मिलने पर सीवीओ को चेतावनी देते हुए चिकित्सक को प्रतिकूल प्रविष्टि देने के निर्देश दिए। भोगियापुर गांव में सीसी रोड निर्माण में मानकों की अनदेखी पर भी नाराजगी जताई। मंडलायुक्त आरपी अरोड़ा गुरुवार सुबह जिलाधिकारी अभय कुमार के साथ सबसे पहले तेजवापुर ब्लॉक मुख्यालय पहुंचे। यहां पर कमिश्नर ने कार्यालय की सफाई, अभिलेख आदि का निरीक्षण किया। मंडलायुक्त ने डीएम को मनरेगा योजना की समीक्षा के भी निर्देश दिए। इसके बाद मंडलायुक्त सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र तेजवापुर पहुंचे। यहां पर फर्श टूटी थी। रसोई घर में परिवार रह रहा था। सीएचसी का जेनरेटर भी खराब था। अव्यवस्था पर डीएम को निर्देश दिया कि प्रभारी चिकित्साधिकारी डॉ. सीबी यादव के खिलाफ विभागीय कार्रवाई की जाए। जबकि अग्रिम आदेशों तक वेतन को रोक दिया जाए। यहां के बाद कमिश्नर वर्ष 2014-15 में चयनित समग्र ग्राम भोगियापुर पहुंचे। जहां निरीक्षण में कृत्रिम गर्भाधान कार्यक्रम के तहत इलाज होने वाले पशुओं की सूची मांगी गई। जिसे नहीं दिखा पाने पर सीवीओ डॉ. अरुण कुमार आर्य को चेतावनी देते हुए पशु चिकित्साधिकारी डॉ. अनिरुद्ध सिंह को प्रतिकूल प्रविष्टि देने का निर्देश दिया गया। पेंशन सत्यापन में गांव निवासी सुलेमान ने एक वर्ष से पेंशन नहीं मिलने की बात कही। जिस पर समाज कल्याण अधिकारी डीके सिंह को गांव में कैंप लगाकर पेंशन मिलने का सत्यापन करने के साथ ही बैंकों में जाकर समस्या का निस्तारण करने के निर्देश दिए गए। इस दौरान सीडीओ राकेश कुमार, एडीएम विद्याशंकर सिंह, सीएमओ डॉ. केबी जैन, उपनिदेशक अर्थ एवं संख्या एसपी मिश्रा, एसडीएम महसी चंद्रपाल आदि मौजूद रहे।