बहराइच/खैरीघाट। खैरीघाट क्षेत्र में बीते 25 दिनों से शावकों के साथ घूम रही मादा तेंदुआ की दहशत बनी हुई है। तेंदुए को पकड़ने के लिए वन विभाग तमाम दावे कर रहा है, लेकिन जमीनी हकीकत दावों से इतर है। तेंदुआ लगातार लोगों पर हमला कर रही है। अब तक तीन लोगाें को मौत के घाट और तीन को घायल कर चुकी है। सहमे ग्रामीण अपने बच्चों को स्कूल नहीं भेज रहे हैं। खेतों में धान की फसल पक गई है पर किसान उसे काटने नहीं जा पा रहे हैं। तेंदुए के पकड़े जाने से लोगों में आक्रोश बढ़ रहा है।
खैरीघाट थाना क्षेत्र के चौकसाहार, अरनवा, डल्लापुरवा, नरायनपुरवा, तेलियनपुरवा आदि गांवों के हजारों लोग बीते 25 दिनों से तेंदुए के डर के साए में जी रहे हैं। लोगों में तेंदुए की दहशत इस कदर है कि वे खेतों में लगी अपनी फसल काटने से भी कतरा रहे हैं। छुट्टा जानवर किसानों की फसल को चट कर रहे हैं। कुछ किसान हिम्मत कर झुंड में फसलों की कटाई कर रहे हैं। तेंदुआ वन विभाग के सारे प्रयासों को चकमा देते हुए लगातार लोगों पर हमलावर हो रही है।
25 दिनों में तेंदुए ने किए सात हमले
बीते 25 दिनों में तेंदुए ने सात हमले किए है, जिसमें एक बछिया भी शामिल है। सबसे पहले तेंदुए ने पांच अक्टूबर को चौकसाहार के झुंडी निवासी रामबेटी (14) पर हमला कर उसे मौत के घाट उतार दिया था। जिसके बाद से उसके हमले लगातार जारी हैं। 10 अक्टूबर को चौकसाहार के मजरा उपरिहनपुरवा निवासी रोहित (11) व 26 अक्टूबर को अरनवा के नरायणपुरवा निवासी चमेला (50) को मौत के घाट उतार चुकी है।
15 अक्टूबर को खेत में काम कर रही तेलियनपुरवा निवासी सगी बहनों ममता (17) व अनीषा (14) के साथ 21 अक्टूबर को नरायणपुरवा निवासी साधनी (8) पर हमला कर घाल कर चुकी है। 16 अक्टूबर को एक ग्रामीण की बछिया को भी निवाला बना चुकी है।
बच्चे पढ़ाई तो मवेशी चारे को मोहताज
तेंदुए की दहशत के कारण बच्चों की पढ़ाई बाधित हो रही है। मवेशियों को हरा चारा भी नहीं मिल पा रहा है। नरायणपुरवा निवासी किसान लक्ष्मीनरायण यादव ने बताया कि खेत में धान की फसल पक गई है, लेकिन डर के मारे कटाई नहीं हो पा रही है। बेदराम यादव ने बताया कि छुट्टा मवेशी फसल को चट कर रहे हैं। चाहकर भी रखवाली के लिए नहीं जा पा रहे हैं।
भंडारीपुरवा निवासी राधेश्याम यादवने बताया कि घर से बाहर निकलने में भी डर लगता है। शाम होते-होते गांव में सन्नाटा हो जाता है। डल्लापुरवा निवासी कैलाश ने बताया कि वह और कई ग्रामीण बच्चों को स्कूल नहीं भेज रहे। कुछ यही समस्या पैकरमा यादव, चौकसाहार प्रधान प्रतिनिधि सतीश कुमार, अरनवा निवासी ननकऊ, कृष्ण गोपाल, कांग्रेस यादव आदि ने भी बताई।
10 पिंजरे, 28 कैमरे व 20 जाल लगे पर चकमा दे रही तेंदुआ
तेंदुए को पकड़ने के लिए वन विभाग पहले दिन से ही विशेष दावे कर रहा है। चौकसाहार व उसके आसपास के गन्ने के खेतों में तेंदुए को कैद करने के लिए 10 पिंजरे लगाए गए है। निगरानी के लिए 28 ट्रैप कैमरे, 20 जाल भी लगाए गए है। गोंडा, श्रावस्ती जिले की टीमों के साथ बहराइच वन प्रभाग के छह रेंजों की टीमें भी तेंदुए को पकड़ने के लिए लगातार गश्त कर रही हैं। बावजूद इसके तेंदुआ अभी भी पकड़ से बाहर है। वह लगातार हमले कर रहा है। जिसके चलते लोगों में अब आक्रोश बढ़ने लगा है।
पूरी टीम के साथ लगातार गांव में ही मौजूद हूं। आज भी कुछ ग्रामीणों ने तेंदुआ को देखने की सूचना दी, जिस पर तत्काल तेंदुए को पकड़ने के लिए खाबड़ लगाया गया लेकिन तेंदुआ नहीं मिली। जल्द उसे पकड़कर जंगल में छोड़ा जाएगा।
- संजय कुमार शर्मा, डीएफओ बहराइच वन प्रभाग