बहराइच। बौंडी थाने की पुलिस एक व्यक्ति की लूट की तहरीर पर बृहस्पतिवार का रात छह संदिग्धों युवकों को पकड़कर जबरन थाना ले आई थी। जिनकी पैरवी करने थाना पहुंचे प्रधान पति सहित 16 लोगों पर इंस्पेक्टर से अभद्रता करते हुए मारपीट कर वर्दी फाड़ने की एफआईआर दर्ज की गई थी। शुक्रवार को एसपी ने शुरुआती जांच में इंस्पेक्टर की भूमिका को संदिग्ध मानते हुए लाइन हाजिर कर दिया।
बौंडी थाना के ग्राम डोकरी गांव निवासी नईम ने मंगलवार को थाना में तहरीर देकर नकदी और अन्य सामान के लूट की तहरीर दी। इस पर थाने की पुलिस ने कोदही गांव के छह संदिग्ध लोगों को थाने लाकर पूछताछ शुरू की। यहां पर गांव की प्रधान गायत्री के देवर विक्रम चौहान, सुरेंद्र और दोस्त मोहित पर पुलिस से गाली-गलौज करने का आरोप लगा था। वहीं सूचना पर कुछ देर बाद ही प्रधान पति मनीराम अपने 12 समर्थकों के साथ थाने पहुंचे थे। एफआईआर के मुताबिक विक्रम, सुरेंद्र और मोहित ने पुलिस गिरफ्त से भागने का प्रयास किया था और इंस्पेक्टर ज्ञान सिंह से अभद्रता करते हुए मारपीट कर वर्दी फाड़ दी थी, जिससे उनकी हाथ की अंगुली की हड्डी भी टूट गई थी। प्रधान पति सहित 16 लोगों पर समूह बनाकर हिंसा करने, लोकसेवक को चोट पहुंचाने, सरकारी कार्य में बाधा सहित अन्य धाराओं में केस दर्ज कर तीन आरोपियों को जेल भेज दिया था।
फर्जी लूट की सूचना पर युवकों को थाने लाने पर की गई कार्रवाई
शुरुआती जांच में पीड़ित से की गई लूट की सूचना फर्जी निकली, वहीं मामले में इंस्पेक्टर ने पंजाब से एक दिन पहले लौटे युवकों को बिना किसी ठोस आधार पर गलत तरीके से पूछताछ के लिए थाना ले आए। जिसके चलते थाना पर प्रधान पति और उनके सहयोगियों के मारपीट की घटना सामने आयी। कार्य में लापरवाही के चलते इंस्पेक्टर को निलंबित कर विभागीय जांच के आदेश दे दिए गए है।