बहराइच। कृषि विज्ञान केंद्र, प्रथम बहराइच के वैज्ञानिकों ने मंगलवार को चित्तौरा विकासखंड के कौआ कोडरी गांव का भ्रमण किया। किसानों को प्राकृतिक खेती की जानकारी दी। इस दौरान वैज्ञानिकों ने लहसुन की फसल का निरीक्षण किया और बेहतर उत्पादन की जानकारी दी।
चित्तौरा ब्लॉक की ग्राम पंचायत कौआ कोडरी में ग्रामीणों को प्राकृतिक खेती की जानकारी देते हुए वरिष्ठ कृषि वैज्ञानिक वीपी शाही व वैज्ञानिक सुनील कुमार ने बताया कि प्राकृतिक खेती में जोताई व गोड़ाई की आवश्यकता नहीं पड़ती है। इससे किसानों के समय व पैसे की बचत होती है। किसानों को बताया कि भूमि की नमी सुरक्षित रखने, जीवाणु व केंचुओं के कार्य करने के लिए सूक्ष्म पर्यावरण बेहद जरूरी है। लहसुन की फसल को ढक दें। इससे मृट्टी की नमी देर तक रहती है। बेहतर उत्पादन के लिए दो-तीन बार निराई अवश्य करें।