बहराइच। एआरएम पर अभद्रता का आरोप लगाते हुए सोमवार दोपहर रोडवेज कर्मियों ने कार्य बहिष्कार शुरू कर दिया। नारेबाजी करते रोडवेज बस अड्डा परिसर में धरना-प्रदर्शन पर डट गए। शाम को प्रबंधन से बातचीत के बाद समझौता हुआ। इसके बाद बसों का संचालन शुरू हुआ। इस दौरान करीब तीन घंटे बसें ठप रहने से यात्रियों को काफी दिक्कत हुई।
कर्मचारियों का आरोप है कि जब से एआरएम आए हैं तब से कर्मचारियों का उत्पीड़न शुरू हो गया है। डीजल टंकी पर एआरएम चालकों व परिचालकों से अभद्रता करते हैं। उत्तर प्रदेश रोडवेज कर्मचारी संघ के क्षेत्रीय अध्यक्ष शमसुद्दीन ने बताया कि सोमवार की सुबह समस्याओं को लेकर संगठन के पदाधिकारी व कर्मचारी एआरएम से मुलाकात करने गए थे। आरोप है कि एआरएम ने बात करने से मना कर दिया और कार्यालय छोड़कर चले गए। इससे रोडवेज कर्मी भड़क गए। दोपहर में कार्य बहिष्कार की घोषणा कर दी गई। करीब तीन घंटे तक बसों का संचालन ठप रहा। मामला बढ़ते देख एएआरएम ने संगठन के पदाधिकारियों से वार्ता कर समस्याओं के समाधान का आश्वासन दिया। इसके बाद कर्मचारी काम पर लौट आए। धरने के दौरान रमेश पांडेय, बब्बन तिवारी, संजीव दुबे, विकास कुमार प्रजापति, प्रद्युम्न सिंह आदि मौजूद रहे।
मैंने पत्र जारी कर चेताया था कि जो कर्मचारी भ्रष्टाचार में लिप्त पाया जाएगा, उसका मार्ग बदल दिया जाएगा। सोमवार सुबह एक कंडक्टर के मामले को लेकर काफी संख्या में कर्मचारी कार्यालय में आ धमके। मैंने कहा कि संबंधित कर्मचारी लिखकर समस्या से अवगत कराए तो वे लोग शोरगुल करने लगे। इस पर मैं कार्यालय से बाहर चला गया। हालांकि, अब मामला सुलझ गया है।
प्रेमकुमार, एआरएम