बहराइच। सरकारी समितियों व किसान सेवा केंद्रों पर डीएपी पहुंचने की सूचना मिलते ही सोमवार को किसानों का हुजूम उमड़ पड़ा। कई किसान सुबह से ही अपनी बारी का इंतजार करते दिखे। धक्का-मुक्की भी हुई। हालांकि, खाद सीमित मात्रा में होने के चलते घंटों इंतजार के बाद भी कई किसानों को बैरंग लौटना पड़ा। शहर के जेल रोड स्थित इफको किसान सेवा केंद्र के बाहर किसानों की भारी भीड़ देखने को मिली। यहां भी तमाम किसानों को खाली हाथ लौटना पड़ा। चित्तौरा से खाद लेने आए किसान जमशेद ने बताया कि वह सुबह नौ बजे से लाइन में खड़े थे, लेकिन खाद नहीं मिली। चिलवरिया निवासी नरेश ने बताया कि उन्हें भी कल आने को कहा गया है। यह हाल तब है जबकि कृषि विभाग 2800 मीट्रिक टन डीएपी, 2000 एमटी एनपीके व 8000 एमटी एसएसपी उपलब्ध होने की बात कह रहा है।
नवाबगंज। लगभग एक सप्ताह बाद क्षेत्रीय सहकारी समिति लिमिटेड पर डीएपी पहुंची तो किसान उमड़ पड़े। आधे घंटे में ही सचिव खाद वितरित कर निकल गए। इसके बाद किसानों ने आधार कार्ड लेकर प्रदर्शन किया। किसान उमेश चंद्र वर्मा, कल्लन खां, नंदलाल वर्मा, नीरज आदि ने सचिव पर आरोप लगाया कि वह अपने चहेतों को आठ-आठ बोरी खाद का वितरण कर घर चले गए। हम लोगों को खाद नहीं दी गई। सचिव लोकपति ने बताया कि समिति पर 200 बोरी डीएपी आई थी। आधी बंट गई है। बाकी कल बांटी जाएगी।
नानपारा। सैकड़ों की संख्या में सुबह चार बजे की किसान इमामगंज स्थित इफको बाजार केंद्र पहुंच गए। भीड़ संभालने के लिए केंद्र प्रभारी देव प्रताप सिंह को पुलिस की मदद लेनी पड़ी। डल्लापुरवा के खाद लेने आए शिवकुमार व केशवराम ने बताया कि 10 दिन से खाद के लिए चक्कर लगा रहे हैं। खाद आई भी तो सिर्फ दो बोरी मिली। हुलासपुरवा से आए कृपाराम ने बताया कि सुबह पांच बजे से लाइन में लगे हैं और अब सिर्फ दो बोरी खाद मिली है। इतने में बुआई संभव नहीं है। कुछ ऐसी ही शिकायत खैरी निवासी गुड्डू ने भी की। सचिव देव प्रताप सिंह ने बताया कि 1200 बोरी डीएपी आई है। मात्रा कम होने से एक किसान को सिर्फ दो बोरी खाद दी जा रही है।
हुजूरपुर। विकासखंड क्षेत्र में स्थित दस से सिर्फ एक साधन सहकारी समिति, बसंतपुर पर ही सोमवार को डीएपी व एनपीके उपलब्ध रहीं। मात्र 250 बोरी डीएपी व 50 बोरी एनपीके होने से सैकड़ों किसानों को खाली हाथ लौटना पड़ा। भंगहा निवासी किसान अंजनी कुमार ने बताया कि सुबह से लाइन में लगे थे, जब नंबर आया तो खाद खत्म हो गई। एडीओ सहकारिता भूपेश कुमार गुप्ता ने बताया कि कम आवंटन होने से परेशानी हो रही है।
कैसरगंज। विकासखंड क्षेत्र में सोमवार को भी डीएपी की किल्लत देखने को मिली। अधिकतर साधन सहकारी समितियों पर ताला लटका नजर आया। साधन सहकारी समिति डिहवाशेर बहादुर सिंह पर भी ताला जड़ा मिला। सचिव अजय कुमार सिंह ने बताया कि दो-तीन दिनों में खाद उपलब्ध हो जाएगी।
विशेश्वरगंज। विकासखंड क्षेत्र में स्थित पांच में से सिर्फ क्षेत्रीय सहकारी समिति खजुरार पर खाद मिली। सचिव पवन तिवारी ने बताया कि समिति पर 200 बोरी डीएपी व 50 बोरी एनपीके भेजी गई है जिसका वितरण किया जा रहा है। वहीं क्षेत्रीय सहकारी समिति विशेश्वरगंज, सहकारी संघ बालापुर, साधन सहकारी समिति सेमरा, साधन सहकारी समिति पुरैना से डीएपी नदारद रही। किसानों को भटकते देखा गया।
2800 मीट्रिक टन डीएपी, 2000 एमटी एनपीके व 8000 एमटी एसएसपी गोदामों व समितियों पर उपलब्ध है। 1000 एमटी खाद निजी दुकानों पर मौजूद है। चार रैक और मंगवाई गईं हैं। किसान धैर्य रखें। जितनी आवश्यकता है उतनी ही खाद लें।
- सतीश पांडये, जिला कृषि अधिकारी