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ऊपर तक जुगाड़, सरकारी दवाओं से इलाज

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बहराइच। हिंदुस्तान चाइल्ड हॉस्पिटल में इलाज में बरती गई लापरवाही से हुई एक मासूम की मौत के बाद भी अस्पताल संचालक पर जिम्मेदारों की मेहरबानी कायम है। सरकारी अस्पताल में मिलने वाली मुफ्त दवाओं को भी यहां पर मरीजों को बेच कर जेब भरी जा रही है। सरकारी दवाओं को बेचने की शिकायत के बाद भी स्वास्थ्य विभाग इस पूरे मामले की जांच को लेकर शिथिलता बरत रहा है। इतना ही नहीं अप्रशिक्षित स्टॉफ की तैनाती व अस्पताल के समक्ष वाहनों की बेतरतीब पार्किंग से आए दिन परेशान करने वाली जाम की समस्या के बाद भी अधिकारी आंखें मूंदे हैं। कार्रवाई में बरती जा रही शिथिलता से अब जिला प्रशासन से लेकर सीएमओ कार्यालय तक की मंशा पर भी सवाल उठने लगे हैं।
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तहसील पयागपुर अंतर्गत कोट बाजार निवासी आदर्श गुप्ता के बेटे का इलाज कुछ दिनों पूर्व हिंदुस्तान चाइल्ड हॉस्पिटल में किया गया था। इलाज के दौरान हुई मौत के बाद परिजनों ने इलाज में लापरवाही का आरोप लगाया था। परिजनों का कहना था कि हिंदुस्तान चाइल्ड हॉस्पिटल के डॉक्टर ने इलाज के दौरान जो इंजेक्शन लगाए उन सभी पर नॉट फॉर सेल की मोहर अंकित थी। इसे सरकारी अस्पताल की सप्लाई का बताया गया। इसके बावजूद अस्पताल वालों ने एक-एक इंजेक्शन के एवज में उनसे 2400 रुपया तक कीमत वसूली। अस्पताल प्रबंधन द्वारा सरकारी अस्पतालों में मुफ्त मिलने वाली दवाओं को भी ऊंचे दाम पर बेचने की शिकायत सामने आने के बाद भी आरोपी अस्पताल के प्रबंधन पर कार्रवाई तो दूर उल्टा उन्हें बचाने की जोड़तोड़ में ही सीएमओ कार्यालय का स्टाफ जुटा है। निजी अस्पताल प्रबंधन पर अप्रशिक्षित मेडिकल स्टॉफ से काम काज कराने के आरोप की भी पूरी अनदेखी की जा रही है।
हिंदुस्तान चाइल्ड हॉस्पिटल में आयुष्मान योजना के तहत मरीजों का इलाज किया जाता है। आयुष्मान योजना के संबंध में भी यहां धांधली होने की संभावना व्यक्त की जा रही है। बीते लगभग दो माह थाना फखरपुर अंतर्गत एक व्यक्ति द्वारा हॉस्पिटल में इलाज कराने के बाद उससे इलाज खर्च के बतौर 60 हजार रुपया तक वसूला गया। बाद में मोबाइल पर मैसेज आने के बाद पीड़ित को उसका इलाज आयुष्मान योजना के तहत मुफ्त होने का पता चला। इस मामले की शिकायत उच्चाधिकारियों से किए जाने की बात सामने आने पर अस्पताल प्रबंधन ने संबंधित व्यक्ति को इलाज खर्च का 40 हजार रुपया वापस कर शिकायत करने से रोक दिया।
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हिंदुस्तान चाइल्ड हॉस्पिटल पर गंभीर आरोप सामने आ रहे हैं। बिंदुवार इन सभी पर अस्पताल संचालक को नोटिस भेजकर आख्या मांगी जा रही है। साथ ही मौके का निरीक्षण कर इसके निर्माण और अस्पताल के सामने बेतरतीब खड़े वाहनों से लगने वाले ट्रैफिक जाम की भी जांच कराने के बाद सख्त कार्रवाई होगी।
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ज्योति राय, सिटी मजिस्ट्रेट ।
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