बहराइच। विशेश्वरगंज क्षेत्र से जुड़ी 50 हजार की आबादी को सीएचसी पर जल्द ही इलाज की हाईटेक सुविधाओं के साथ ही विशेषज्ञ डॉक्टरों की सेवा मिलेगी। पीपीपी (पब्लिक प्राइवेट पार्टनरशिप) मॉडल के तहत हाईटेक इलाज सुविधा युक्त बनाने के लिए प्रदेश भर में चुनी गई 15 सीएचसी में जिले की विशेश्वरगंज सीएचसी को भी शामिल किया गया है। सीएचसी पर स्वास्थ्य सेवाओं की उपलब्धता सुनिश्चित होने से क्षेत्रवासियों को बेहतर इलाज के लिए 38 किलोमीटर दूर जिला मुख्यालय तक की दौड़ लगाने की परेशानी से भी छुटकारा मिलेगा।
विशेश्वरगंज स्थित सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पर अभी तक बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं प्राप्त करने में मरीजों को दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। यहां एक्सरे, अल्ट्रासाउंड व रक्त की विभिन्न जांचों की सुविधा तक नहीं है। इससे यहां आने वाले मरीजों को ब्लड बैंक व पैथालॉजी से जुड़ी छोटी जांचों के लिए भी निजी केंद्रों पर महंगी जांच कराने जाना पड़ता है। इतना ही नही सीएचसी पर सीजेरियन की सुविधा न होने से गर्भवती महिलाओं को भी काफी दिक्कतों को सामना करना पड़ता है।
प्रसव के समय जरा सी भी स्थिति बिगड़ने पर उन्हें निजी नर्सिंग होम अथवा जिला मुख्यालय तक ले जाने को विवश होना पड़ता है। शासन की ओर से इस सीएचसी को इलाज की सभी जरूरी सुविधाओं से युक्त बनाने के लिए पीपीपी मोड पर विकसित करने का फैसला हुआ है। इसके तहत सीएचसी पर इलाज के लिए 24 घंटे आपातकालीन सेवाओं के साथ ही विशेषज्ञ चिकित्सकों के साथ ही मरीजों की जांच से जुड़ी अन्य सुविधाओं को भी विकसित किया जाएगा। इसका सीधा फायदा क्षेत्र पहुंचकट्टा, रोहिनी भारी, खरिहा, जलालपुर, सेमरौना, ककरा मोहम्मदपुर, गोंसाईपुरवा, परशुराम पुरवा समेत लगभग तीन दर्जन से अधिक गांव क्षेत्र के लोगों को मिलेगा।
सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पर एक्सरे, अल्ट्रासाउंड मशीन लगवाने के साथ ही रक्त की विभिन्न जांचों की सुविधा उपलब्ध कराई जाएगी। इसके साथ ही सीजेरियन प्रसव के लिए महिला सर्जन व एनस्थेटिस्ट समेत अन्य चिकित्सकीय व पैरामेडिकल कर्मियों की भी तैनाती होने से मरीजों को इलाज की बेहतर सुविधाएं मिलेगी। यह सुविधाएं उपलब्ध कराने वाली फर्म को सरकार द्वारा सीधे भुगतान किया जाएगा।
शासन द्वारा जनपद के विशेश्वरगंज ब्लॉक स्थित सीएचसी को पीपीपी मोड पर संचालित करने का निर्णय काफी सराहनीय है। इससे सीएचसी पर बेहतर स्वास्थ्य सेवाओं का लाभ एक बड़े क्षेत्र की आबादी को मिल सकेगा। इससे यहां के लोगों को जिला मुख्यालय अथवा निजी नर्सिंग होम तक दौड़ लगाने की परेशानी से भी छुटकारा मिलेगा।
डॉ.एसके सिंह, सीएमओ।