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बीमारियों का प्रकोप भी बढ़ा, स्वास्थ्य सुविधाएं नदारद

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बहराइच। बाढ़ की विभीषिका कम होने का नाम नहीं ले रही है। बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में भूख व प्यास से बेहाल लोगों को अब संक्रामक बीमारियों का खतरा भी परेशान करने लगा है। प्रभावित इलाकों में नदारद स्वास्थ्य सेवाओं के कारण पीड़ितों को मदद के लिए सोशल मीडिया का सहारा लेकर गुहार लगानी पड़ रही है। तहसील महसी, कैसरगंज व मिहींपुरवा के बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में बच्चों के साथ ही अब बुर्जुग व युवा भी खांसी सर्दी बुखार व गेस्ट्रो डायरिया की चपेट में आने लगे हैं। इन्हें कुछ बाढ़ चौकियों पर उपलब्ध दवाओं के सहारे ही इलाज को विवश होना पड़ रहा है।
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बाढ़ के पानी से बचकर किसी तरह सुरक्षित स्थानों पर पहुंचे लोग खान पान सामग्री के साथ ही इलाज के लिए दवा न मिलने से भी परेशानहाल हैं। बेलहा-बेहरौली तटबंध व बहराइच-सीतापुर राजमार्ग पर आश्रय लिए बाढ़ पीड़ितों में भी संक्रामक बीमारियों का खतरा लगातार बढ़ने लगा है। पानी में कमी आने के साथ ही गंदगी व जरूरी दवाएं न मिल पाने से लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। तहसील कैसरगंज की ग्राम पंचायत मंझारा तौकली के बलराजपुरवा में भी बुधवार की दोपहर महिलाएं व बच्चे नाव के माध्यम से सुरक्षित स्थानों की ओर पलायन करते दिखाई पड़े। लगातार जलभराव के कारण ग्रामीणों के सामने आवश्यक वस्तुओं के अभाव का संकट भी गहराने लगा है।
तहसील महसी अंतर्गत केवलपुर पिपरिया व मांझा दरियाबुर्द के ग्रामीण बीते कई दिनों से भूूख व प्यास से बेहाल हैं। लगातार गुहार लगाने के बाद भी प्रशासन की तरफ से रात सामग्री पहुंचाने की कोई व्यवस्था न किए जाने से आक्रोशित ग्रामीणों ने विरोध भी जताया। राहत सामग्री न मिलने से सबसे ज्यादा परेशानी महिलाओं व बच्चों को उठानी पड़ रही है।
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बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में जंगली जीवों के दिखने से ग्रामीणों में काफी दहशत है। तहसील महसी अंतर्गत विकासखंड तेजवापुर के बौंडी में मंगलवार की रात लगभग नौ बजे कोटेदार जाकिर अली के घर के परिसर में तेंदुआ घुस गया। तेंदुए को देखते ही परिजनों ने घर का दरवाजा बंद कर लिया। गांव निवासी विशाल तिवारी ने बताया कि मंगलवार को क्षेत्र में दो अलग-अलग स्थानों पर भी तेंदुए देखे गए हैं। इससे ग्रामीणों में दहशत व्याप्त है। उधर बौंडी क्षेत्र में बाढ़ के पानी में दिख रहा एक घड़ियाल भी ग्रामीणों का डर बढ़ा रहा है। सरयू ड्रेनेज खंड प्रथम के सहायक अभियंता बीबी पाल ने बताया कि बुधवार को सरयू में 3.85 लाख क्यूसेक पानी अलग अलग बैराज से छोड़ा गया। इसमें शारदा बैराज से 1.83 लाख क्यूसेक, गिरिजा बैराज से 1.80 लाख क्यूसेक व सरयू बैराज से 22.69 हजार क्यूसेक पानी सरयू में छोड़ा गया। एल्गिन ब्रिज पर सरयू खतरे के निशान से लगभग एक मीटर ऊपर बह रही है।
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