गायघाट/खैरीघाट(बहराइच)। बारिश का दौर शनिवार को थमा रहा, लेकिन नेपाल के पहाड़ों पर तेज बारिश होती रही। गोपिया, शारदा व घाघरा बैराज से भी 3.5 लाख क्यूसेक पानी छोड़ा गया। इस वजह से सरयू ने रौद्र रूप धारण कर लिया है। मिहींपुरवा तहसील क्षेत्र के 80 से अधिक गांवों में बाढ़ का पानी घुस गया। नानपारा व महसी तहसील के भी 50 से अधिक गांवों में पानी कहर ढा रहा है। करीब सवा लाख लोग प्रभावित हैं। वहीं, प्रशासनिक मदद प्रभावित क्षेत्रों में खानापूर्ति तक सीमित नजर आ रही है।
सरयू खतरे के निशान से 70 सेंटीमीटर ऊपर बह रही है। प्रति घंटे 6000 क्यूसेक पानी बढ़ रहा है। सरयू का खतरे का निशान 133.50 मीटर है, जबकि नदी 134.20 मीटर पर बह रही है। शनिवार को शारदा बैराज से 25,362 क्यूसेक, गिरिजा बैराज से 2.7 लाख क्यूसेक व गोपिया बैराज से 90 हजार क्यूसेक पानी छोड़ा गया। सरयू ड्रेनेज खंड के एक्सईएन शोभित कुशवाहा ने बताया कि नेपाल के पहाड़ों पर बारिश की वजह से जलस्तर बढ़ा है। बारिश बंद होने पर जलस्तर घटेगा।
बाढ़ का पानी गांवों में घुसने से लगभग 100 परिवार गोपिया बैराज पर डेरा जमाए हैं। बैराज पर बने टिन शेड में किसी तरह रातें काट रहे हैं, लेकिन यहां जबरदस्त बदइंतजामी देखने को मिल रही है। बिजली आपूर्ति बाधित होने के बीच जिम्मेदार अधिकारी जेनरेटर चलाना भी उचित नहीं समझ रहे हैं। इस वजह से लोगों को जहरीले जंतुओं का भय बना रहता है।
मिहींपुरवा तहसील के चहलवा, दलजीतपुरवा, चुरईपुरवा, पहाड़ीपुरवा, मटेही, पुरैना रघुनाथपुर, बड़खड़िया, कौवापुरवा, भवानीबक्श, बलई गांव, पड़रिया, भादापुरवा, बगहा, निबिया खाले, बोटनपुरवा, दरोगा पुरवा, बुद्धुपुरवा, रिक्खीपुरवा, मदरहा, हड़वा, कल्लूगौढ़ी, करमोहना व जंगलगुल्हरिया समेत 80 से अधिक गांव बाढ़ की चपेट में हैं। लोग घर की छतों पर दिन-रात गुजार रहे हैं। महसी तहसील के मांझा दरिया बुर्द, केवलपुर, डिहुआ, बकैना, बांसगढ़ी, धनावा, बहदुरिया, गरेठीगुरुदत्त सिंह , रामसहायपुरवा, पचदेवरी, मैकूपुरवा, अंगरौरादुबहा, दरैहिया, कोटिया, महसी टेपरा, पूरे हिंदू सिंह, औंराही, जगीर, पूरे प्रसाद सिंह, पूरे सीताराम, पूरे दिलदार सिंह, पूरे बस्ती गड़रिया आदि गांवों में बाढ़ का पानी घुसने से लोगों का जीवन अस्त-व्यस्त हो गया है। नानपारा तहसील के शिवपुर, टिकानपुरवा, अंबरपुर, तिगड़ा, बौंड़ी, बल्दूपुरवा, पाठक पुरवा , गुजराती पुरवा, एकघरा, बाजपुरवा, बेलामकन, चौकसाहार आदि गांवों में भी हर तरफ पानी नजर आ रहा है।