बहराइच। सरकारी विभाग से जुड़े इंजीनियरों की मनमानी अब गांवों में संचालित विकास कार्यों में रुकावट नहीं बनेगी। गांवों में विकास कार्यों के क्रियान्वयन के लिए जरूरी मेजरमेंट बुक रिपोर्ट के इंतजार में न तो अब महीनों काम काज अटकेंगे और न ही इनकी भुगतान प्रक्रिया पर ही विराम लगेगा। शासन स्तर से इस परेशानी को दूर कराने के लिए पंचायत विभाग में 25 सलाहकार अवर अभियंता तैनात किए जाने का निर्देश दिया गया है। इन अभियंताओं की तैनाती से जिले की सभी 1045 ग्राम पंचायतों में कार्य होने के तुरंत बाद ही उसकी मेजरमेंट रिपोर्ट तैयार करने के साथ ही ग्राम प्रधानों को तत्काल उसका भुगतान भी मिल सकेगा। तैनात होने वाले अभियंता ही अब गांवों में होने वाले विकास कार्यों की आंकलन रिपोर्ट बनाने के साथ ही नक्शा व मेजरमेंट बुक भी तैयार करेंगे।
ग्राम पंचायतों में होने वाले विकास कार्यों में लागत रिपोर्ट, मेजरमेंट बुक(एमबी) व नक्शा आदि बनवाना अनिवार्य होता है। इसके बिना शासन की ओर से संबंधित कार्य की मद में कोई भुगतान नहीं किया जाता है। अभी तक ग्राम प्रधान इन कार्यों के लिए ग्रामीण अभियंत्रण विभाग के इंजीनियरों व लोक निर्माण विभाग के सरकारी इंजीनियरों पर ही आश्रित रहते थे। इसके चलते ही अधिकांश कार्यों की स्वीकृति से लेकर भुगतान तक में देरी की शिकायत भी बनी रहती थी।
इस पर रोक लगाने के लिए ही अब शासन ने पंचायत विभाग में जिले के लिए 25 अवर अभियंताओं की भर्ती को पंजीकृत वास्तुविद व सलाहकार अभियंता के पद पर नियुक्ति किया है। यह जानकारी जिला पंचायती राज अधिकारी उमाकांत पांडेय ने दी।
उन्होंने बताया कि मेरिट व योग्यता के आधार पर इन अभियंताओं का चयन किया गया है। सभी चयनित सभी चयनित अभियंता आवंटित विकासखंड में विकास कार्यों का एस्टीमेट, नक्शा, एमबी आदि बनाने का कार्य करेंगे। पंचायतों में रजिस्टर्ड आर्किटेक्ट-कंसल्टिंग इंजीनियर रखे गए हैं। ग्राम प्रधान ग्राम पंचायतों में होने वाले विकास कार्यों की एमबी व एस्टीमेट आदि संबंधी कार्यों के लिए इनसे संपर्क कर सकते हैं। सभी को कार्य लागत का दो प्रतिशत सर्विस चार्ज के रूप में दिया जाएगा।
पंचायती राज विभाग में इंजीनियरों की तैनाती न होने से अभी तक पंचायत के स्वीकृत कार्यों में हमेशा देरी होने का आरोप लगता रहा है। कई ग्राम प्रधान कमीशन के चक्कर में अभियंत्रण व लोक निर्माण विभाग के सरकारी इंजीनियरों पर कार्य की एमबी लटकाने का भी आरोप लगाते थे। अब पंचायत विभाग में अलग से सलाहकार अवर अभियंताओं की तैनाती से इस तरह की मनमानी पर पूरी तरह विराम लग सकेगा।