रुपईडीहा (बहराइच)। भारत-नेपाल सीमा पर सुरक्षा व्यवस्था चाक-चौबंद करने के लिए थर्मो सेंसर कैमरे लगाए जाएंगे। ड्रोन कैमरों का भी इस्तेमाल होगा । इससे सीमा पर होने वाली अवांछित गतिविधियों की निगरानी कर रोक लगाई जा सकेगी। कैमरे सीमा के समानांतर बनी सड़क पर लगाए जाएंगे। सर्वे करवा लिया गया है। पोल लगाने व तार बिछाने का काम जल्द शुरू होगा।
भारत-नेपाल के बीच लगभग 100 किलोमीटर की खुली सीमा है। इस पर सशस्त्र सीमा बल की तैनाती है। इसके बावजूद घने जंगल के बीच पगडंडियों के जरिए तस्करी सहित कई तरह की अवांछित गतिविधियां होती हैं। अंतरराष्ट्रीय सीमा होने की वजह से ये रास्ते संवेदनशील हैं। इसी वजह से भारत सरकार ने थर्मो सेंसर कैमरे लगाने का निर्णय लिया गया है।
कोई व्यक्ति या जानवर इन कैमरों के नजदीक आएगा तो उसके शरीर की गर्मी से एक बीप संदेश पैदा होगा। यह संदेश नजदीकी बीओपी पर पहुंच जाएगा। इसके बाद जवान तत्काल मौके पर पहुंच जाएंगे।। एक एसएसबी अधिकारी ने बताया कि थर्मों सेंसर कैमरों के लिए सर्वे का कार्य कर लिया गया है। जल्द ही सड़क के समानांतर पोल लगाने व लाइन बिछाने का कार्य शुरू किया जाएगा।
पुलिस की तरफ से कुछ साधारण कैमरे सीमा क्षेत्र में जगह-जगह लगाए गए हैं। अब एसएसबी की ओर से हाईटेक कैमरे लगाए जा रहे हैं। इससे सुरक्षा व्यवस्था और मजबूत होगी।
- केशव चौधरी, एसपी, बहराइच