बहराइच। दो दिन से हो रही बारिश से शहर का बुरा हाल है। मुख्य सड़कों से लेकर मोहल्लों की गलियों तक पानी भरा है। सवाल उठ रहे हैं कि नाला सफाई पर 50 लाख रुपये खर्च करने के बावजूद इतना जलभराव कैसे हो गया। हालांकि, इसका जवाब देने को जिम्मेदार तैयार नहीं हैं। उधर, इस समय जलभराव से जूझ रहे शहरवासियों की मदद को भी नगर पालिका के अधिकारी-कर्मचारी खास प्रयास करते नजर नहीं आ रहे हैं। शहर के घसियारीपुरा, नौवागढ़ी, बक्शीपुरा, नई बस्ती, ब्राह्मणीपुरा व कचहरी रोड समेत तमाम ऐसे मोहल्ले हैं जहां जलभराव की समस्या बनी हुई है। इसके चलते शहर की करीब एक लाख आबादी परेशान है। यही हाल जिले के नगर पंचायत क्षेत्रों का भी है।
बता दें कि शहर से लेकर जरवल, पयागपुर व रिसिया नगर पंचायत और नानपारा नगर पालिका क्षेत्र में हर साल नाला साफ सफाई के नाम पर लाखों रुपये खर्च होते हैं। अप्रैल से लेकर जून तक जलनिकासी के इंतजाम बेहतर करने के नाम पर काम किया जाता है। इसके बावजूद बरसात में हालात बेकाबू हो जाते हैं।
संक्रामक बीमारियों का सता रहा डर
बारिश के चलते सड़कों पर कूड़ा बह रहा है। ऐसे में लोगों को संक्रामक रोग फैलने की भी आशंका सताने लगी है। यदि नगर पालिका प्रशासन नहीं चेता और जलनिकासी के साथ साफ-सफाई का इंतजाम नहीं करवाया तो लोगों को बीमारियों से भी जूझना पड़ सकता है।
शहर में जलनिकासी के बेहतर इंतजाम किए गए है। साफ-सफाई के लिए सफाई कर्मियों की तैनाती रहती है। जलभराव से निजात दिलाने का प्रयास किया जा रहा है। -बालमुकुंद मिश्रा, ईओ, नपाप., बहराइच